बृहस्पतिवार सुबह कोहरे के बिच निकलते वाहन।
बाराबंकी। मौसम में बदलाव से जिले के किसान और कृषि वैज्ञानिक सभी हैरान है। कई दिनों की कड़ाके की ठंड और बदली के बाद बृहस्पतिवार को सुबह से ही अच्छी धूप खिल गई। इससे जहां लोगों को गलन और ठंड से राहत मिली, वहीं यह धूप फसलों के लिए टॉनिक की तरह है। वैज्ञानिकों को कहना है कि मौसम में इस तरह का परिवर्तन तीन चार साल बाद आता है। यह मौसम सभी खासकर फूल वाली फसलों के लिए बेहतर है। उधर, शाम होते-होते गलन भरी ठंड बढ़ने से सड़कों पर आवाजाही कम हो गई।
मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को दिन का अधिकतम तापमान 19.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाएं पांच किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलीं। सुबह से ही मौसम साफ रहा और दिन चढ़ने के साथ ही धूप तेज होती गई और दोपहर तक मौसम के तेवर एकदम बदल चुके थे। मौसम का यह रुख देख हर कोई हैरान था। उपकृषि निदेशक शोध धीरेंद्र सिंह बताते हैं कि मौसम में इस तरह का बदलाव तीन चार वर्षों में होता है। ऐसे मौसम को अललीनो कहा जाता है। इससे मौसम दिन में साफ रहेगा, परंतु सुबह और शाम कड़ाके की ठंड होगी। बताया कि इससे सभी प्रकार की फसलों को फायदा होगा और उत्पादन भी बढ़ेगा, क्योंकि जब सुबह और शाम ठंड होगी तो आलू, गेहूं और सरसों के साथ ही अन्य फसलों को विकास होगा। वहीं दिन में मौसम साफ होने से पाला नहीं गिरेगा और फसलों में रोग लगने की आशंका कम हो जाएगी।
लोगों ने धूप का खूब लिया आनंद
कई दिनाें से पड़ रही कड़ाके की ठंड के बाद निकली इस तरह की धूप का लोगों ने खूब आनंद लिया। पार्क, घरों के बाहर, सरकारी कार्यालय, हर जगह लोग धूप का आनंद लेते दिखाई दिए। शाम होते ही गलन भरी ठंड बढ़ने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और लोग अपने घरों में दुबक गए। जरूरत पड़ने पर ही वे घर से बाहर निकले। बाजारों में भी कम ही लोग दिखे।