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Barabanki News: गैस एजेंसियों पर कम नहीं हो रही कतार

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जैदपुर में गैस लेने के लिए लाइन मेें गैस​ सिलिंडर लगाकर इतजार करते उपभोक्ता। - फोटो : जैदपुर में गैस लेने के लिए लाइन मेें गैस​ सिलिंडर लगाकर इतजार करते उपभोक्ता।
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बाराबंकी। गैस का संकट कम नहीं हो रहा है। सुबह होते ही एजेंसियों पर लंबी-लंबी लाइनें लग जा रही हैं। पूरा दिन लाइन में लगने के बाद भी कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे दुकानदारों को हो रही है। इनका कारोबार या तो बंद हो गया है या बंदी की कगार पर है, क्याेंकि इन्हें कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं मिल रहा है और घरेलू सिलिंडर के इस्तेमाल पर कार्रवाई हो रही है। गैस की किल्लत से लकड़ी व कोयले की मांग बढ़ गई है। इससे इनकी कीमत भी बढ़ गई है। कोयले के इस्तेमाल से खानपान भी महंगा हो गया है।
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जिले में घरेलू गैस की आपूर्ति के लिए 63 एजेंसियां संचालित हैं, लेकिन इसके बाद भी उपभोक्ताओं को आसानी से सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, इन हालात के बीच डीएसओ डॉ. राकेश तिवारी जिले में पर्याप्त गैस उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं। कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में गैस की किल्लत से कई होटल-ढाबे बंद हो गए हैं। क्षेत्र में नवरात्र में मेला चल रहा है और कोटवाधाम अमरा कटेहरा में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही है, लेकिन गैस न मिलने से दिक्कतें बढ़ रही हैं।
दरियाबाद प्रतिनिधि के अनुसार घरेलू गैस की किल्लत का असर अब छोटे कस्बों और चौराहों पर दिखाई देने लगा है। क्षेत्र के छोले, पूड़ी सब्जी, चाउमीन जैसे खाद्य पदार्थ बेचकर अपनी जीविका चलाने वाले दुकानदारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। रामराज बताते हैं कि सिलिंडर नहीं मिलने से दुकान बंद है। परागी लाल ने बताया गैस की किल्लत से ठेला नहीं लगा रहे हैं।
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लकड़ी व कोयले का दाम बढ़ा
सिरौलीगौसपुर प्रतिनिधि के अनुसार कॉमर्शियल सिलिंडर न मिलने से कोयला और लकड़ी के दाम बढ़ गए हैं। पवन गुप्ता ने बताते हैं कि 600 रुपये में बिकने वाली लकड़ी 1200 से 1800 रुपये और कोयला 2400 प्रति क्विंटल बिक रहा है। इससे दुकान चलाने में दिक्कतें आ रही है। सआदतगंज प्रतिनिधि के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर दुकानदार तक गैस के लिए परेशान हैं। माती प्रतिनिधि के अनुसार देवा चिनहट मार्ग पर माती कस्बे में गैस न मिलने से लोगों ने मिट्टी की भट्ठी बनाकर समोसा, चाय बेच रहे हैं। इससे खाद्य सामग्रियों के दाम भी बढ़ा दिए हैं।
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