बाराबंकी। अपनी ही जमीन पर मवेशी बांधने से रोक दिया गया। शिकायत लेकर थाने पहुंचे पर पुलिसकर्मी तो मिल गए लेकिन लेखपाल और कानूनगो नहीं मिले। घुंघटेर के डिगरी गांव निवासी रामनरेश ने यह परेशानी शनिवार को थाना समाधान दिवस में उजागर की। उनका कहना था कि सुबह से समस्या लेकर बैठे हैं, लेकिन जब राजस्व विभाग के जिम्मेदार ही नहीं मिलेंगे तो समाधान कैसे होगा।
शनिवार को थाना समाधान दिवस में इस तरह जमीन और राजस्व से जुड़े सर्वाधिक मामले आए। बरसात के चलते पानी निकासी को लेकर भी करीब आधा दर्जन विवाद पहुंचे। कई जगह रास्ते और नाली पर कब्जे को लेकर भी शिकायतें की गईं। एएसपी उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने शहर कोतवाली पहुंचकर शिकायतें सुनीं। उन्होंने समाधान दिवस के रजिस्टर में शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। कहा कि शिकायत के निस्तारण के बाद फोन कर शिकायतकर्ता से कार्रवाई का फीडबैक लिया जाए। सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों ने जिलेभर में 32 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कराया।
तीसरी बार पहुंचीं ममता, नहीं मिला कब्जा
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हैदरगढ़ के संतोषपुर गांव निवासी ममता रावत शनिवार को तीसरी बार समाधान दिवस में पहुंचीं। बताया कि मां वर्ष 2014 में घर और कृषि भूमि वसीयत में मिली थी। गांव के एक व्यक्ति ने उसपर कब्जा कर लिया। वर्ष 2023 में मुकदमा भी जीत चुकी हैं, लेकिन कब्जा नही मिला।
पैमाइश के लिए लगातार लगा रहे चक्कर
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बदोसराय थाने में एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज की अध्यक्षता में समाधान दिवस हुआ। मरौचा गांव निवासी नंदू ने जमीन की पैमाइश न होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि इसके लिए कई बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। एसडीएम ने मामले में तत्काल जांच के निर्देश दिए।