बाराबंकी। कोर्ट में झूठे तथ्य पेश कर पत्नी से तलाक लेने की कोशिश एक व्यक्ति और उसके वकील को भारी पड़ गई। फैमिली कोर्ट ने इसे गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए न सिर्फ तलाक की अर्जी खारिज की, बल्कि वकील की मिलीभगत पाते हुए दोनों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। प्रभारी प्रधान न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने दोनों को अगले महीने कोर्ट में तलब किया है।
मामले के अनुसार एक व्यक्ति ने पिछले साल तलाक के लिए अपील की थी, जिसमें पत्नी के मायके जाने की तारीख 22 फरवरी 2026 लिखी थी। दो साल अलग रहने का समय पूरा न होने पर कोर्ट ने 17 मार्च 2024 को यह वाद खारिज कर दिया। इसके अगले ही दिन वकील के जरिये दोबारा नया वाद दाखिल किया गया, जिसमें चालाकी से तारीख दो साल पीछे कर 22 फरवरी 2024 दिखा दी गई। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस जालसाजी को पकड़ लिया। प्रभारी प्रधान न्यायाधीध कृष्ण कुमार ने कहा कि वादी और अधिवक्ता ने जानबूझकर कोर्ट को गुमराह करने के लिए यह गलत काम किया है, इसलिए इनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इसलिए दोनों के विरुद्ध कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा। इसके पहले वादी व अधिवक्ता को अगले माह में तलब भी किया गया है।