बाराबंकी। देवइचा गांव में बारिश से बर्बाद फसल देखकर घर लौटे किसान की मौत के मामले में नायब तहसीलदार ने राजस्व कर्मियों व चिकित्सकों की टीम जांच करने पहुंची। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसान का खेत देखने नहीं गए। घर पर ही किसान के परिवारीजन को सांत्वना देकर अफसर-कर्मी लौट गए।
किसान बलिकरन ने करीब तीन बीघा गेहूं व आठ बिस्वा भूमि में उड़द की फसल लगाई थी। गेहूं काटने की तैयारी के दौरान असमय बारिश से फसल भीग गई। अनाज समेटने की जद्दोजहद में वह कई दिन से परेशान थे। बुधवार सुबह खेत से लौटने पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और सीएचसी पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिवारीजन ने बिना पोस्टमार्टम कराए बुधवार को ही बलिकरन का अंतिम संस्कार कर दिया था।
एसडीएम राजेश विश्वकर्मा के आदेश पर बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार नम्रता दुबे, डॉ. जयशंकर पांडेय समेत अन्य कर्मचारी जांच करने पहुंचे। मृतक के पुत्र अमित ने बताया टीम खेत में खराब हो रही फसल देखने नहीं गई।
एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया फसल की रिपोर्ट मिलने पर हरसंभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। लेखपाल को फसल का सर्वे करने के लिए भेजा जाएगा। (संवाद)