हैदरगढ़। शरीफाबाद जंगल में बृहस्पतिवार को तेंदुए की कोई गतिविधि नहीं मिली। वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए पिंजड़े का स्थान बदलकर खोहली गांव में उस जगह लगा दिया है, जहां तेंदुआ मोबाइल वीडियो में कैद हुआ था।
शरीफाबाद जंगल और आसपास के गांवों में दो माह से तेंदुए का आतंक बना है। चार दिन पहले खोहली गांव में रामहेत के खेत के पास ग्रामीणों ने तेंदुए का वीडियो बनाया था। बुधवार सुबह वह पूरे लोदी गांव से सिल्हौर घाट की ओर जाते दिखाई दिया था। वन विभाग ने दोनों स्थानों पर निगरानी की, लेकिन तेंदुए की आहट नहीं मिली।
लगाए गए तीन रात्रि दृष्टि कैमरे भी खाली रहे। पिंजड़े में बांधी गई बकरी सुरक्षित मिली। वन दरोगा अनुज सिंह ने बताया कि खोहली के पास वीडियो वाली जगह पर छह-सात बार तेंदुए की आहट मिली है।
निगरानी और बचाव जारी
वन विभाग ने पिंजड़ा रामहेत के खेत के पास लगाया है। इसमें बकरी बांधी गई है, ताकि तेंदुआ आकर्षित हो। टीम लगातार पैदल गश्त कर ग्रामीणों को सतर्क कर रही है। विभाग का उद्देश्य तेंदुए को पकड़ने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।