बाराबंकी। जिला अस्पताल की बिजली करीब दो घंटे तक गुल रही। इससे भीषण गर्मी में इलाज को आए मरीज पसीना-पसीना हो गए। घंटों कतार में लगने के बाद हाथ से बने परचे दिए गए तो कड़ी मशक्कत के बाद डॉक्टर को दिखा पाए। जब जांच कराने पहुंचे तो समय समाप्त होने की बात कहकर मरीजों को वापस कर दिया गया।
श्रीराम, महेंद्र कुमार, श्रीकेशन, मानसी ने बताया कि सुबह नौ बजे से 11 बजे तक केवल परचा बनवाने में ही समय लग गया। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में भी करीब तीन घंटे लग गए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जेपी मौर्या ने बताया कि बिजली फीडर करीब 11:30 बजे खराब हो गया था। यूपीपी की परीक्षा के कारण मरम्मत करने में देरी हुई और लगभग दो घंटे बाद बिजली की आपूर्ति चालू की गई।
जांच सेवाएं प्रभावित
बिजली गुल होने से अस्पताल में जांच सेवाएं भी प्रभावित हुईं। एक प्रशिक्षु रेडियोलॉजिस्ट की तबीयत खराब होने के कारण अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो सकी। तब्सुम, आफरीन, किरन और रमेश जैसे कई मरीज बिना अल्ट्रासाउंड कराए ही लौट गए। वहीं पैथोलॉजी से समय समाप्त होने की बात कहकर मरीजों को वापस कर दिया गया था।
मरीजों को घंटों इंतजार
भीषण गर्मी में बिजली न होने से मरीजों की मुश्किलें और बढ़ गईं। रामकुमार, कश्यप, गौतम, महेश ने बताया कि उन्हें घंटों तक कतर में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। हाथ से बने परचे मिलने के बाद भी डॉक्टर को दिखाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें पूरा दिन अस्पताल में ही बिताना पड़ा।