बाराबंकी। स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) में जब चाहा उम्र बदलने का फर्जीवाड़ा अब नहीं चलेगा। परिषदीय और मान्यता प्राप्त स्कूलों में टीसी के नाम पर मनमाफिक जन्मतिथि दर्ज कराने की परिपाटी पर अंकुश लगाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कड़ी निगरानी शुरू की है।
प्रयागराज मुख्यालय में टीसी के जरिये जन्मतिथि संशोधन के ऐसे तमाम मामले पकड़े गए, जिनमें कक्षा एक में दाखिले के वक्त बच्चे की उम्र शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 के मानक छह वर्ष से भी कम पाई गई। स्कूल के रजिस्टर में वह मूल साक्ष्य ही दर्ज नहीं था, जिसके आधार पर जन्मतिथि लिखी गई। इस कारस्तानी को देखते हुए बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने नया फरमान जारी किया है। अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी या डीआईओएस टीसी सत्यापित करते समय अधिकारी का नाम, पदनाम और स्कूल रजिस्टर (एस आर) नंबर दर्ज होना अनिवार्य होगा।
इन चार साक्ष्यों के बिना दाखिला अमान्य
प्रथम प्रवेश के समय जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। इसके न होने पर केवल अस्पताल, एएनएम पंजीकरण, आंगनबाड़ी रिकॉर्ड, ग्राम पंचायत की जन्म-मृत्यु पंजीकरण तिथि अथवा अभिभावक का शपथ-पत्र ही मान्य होगा। किसी अन्य आधार पर दर्ज जन्मतिथि अमान्य होगी। बीएए नवीन कुमार पाठक ने बताया कि टीसी को लेकर बोर्ड की तरफ से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे, उनका अनुपालन कराया जाएगा। बिना निर्धारित वैध साक्ष्य के जन्मतिथि दर्ज करने वाले प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई होगी।