रामनगर (बाराबंकी)। श्री लोधेश्वर महादेव की तीर्थ नगरी में कॉरिडोर निर्माण के लिए अधिग्रहीत किए गए भवनों के ध्वस्तीकरण ने रफ्तार पकड़ ली है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने बताया कि ध्वस्तीकरण का काम खत्म होते ही कॉरिडोर के शिलान्यास की तारीख का निर्धारण तय होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया जाएगा।
संयुक्त मजिस्ट्रेट एसडीएम रामनगर गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि प्रथम चरण में कॉरिडोर निर्माण के लिए कुल 147 भवनों का अधिग्रहण हुआ था। इनमें से 88 मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है। महादेवा कॉरिडोर का निर्माण 14.7 एकड़ जमीन प्रस्तावित हैं। अधिग्रहण के बाद 127 भवनों की रजिस्ट्री पर्यटन विभाग के पक्ष में हो चुकी हैं। करीब 20 मकानों का विवाद कोर्ट में लंबित है। इसी कारण पहले चरण में कुल 127 मकानों के ध्वस्तीकरण का काम ही होगा।
कॉरिडोर निर्माण के लिए सामग्री का प्लांट महादेवा में ही बनाए जाने के निर्देश भी डीएम ने दिए हैं। कॉरिडोर निर्माण के साथ ही महादेवा में स्थित अमृत सरोवर का सुंदरीकरण कार्य कराने के साथ ही उसके बगल में सत्संग भवन भी बनाया जाएगा। पर्यटन विभाग के अनुसार महादेवा कॉरिडोर कार्य योजना के तहत दो मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण होगा।