संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी। 25 दिन की ग्रीष्मावकाश के बाद सोमवार से जिले के 2624 परिषदीय विद्यालयों को खुलना था। हालांकि इस दौरान बच्चों का शिक्षण कार्य न कर सिर्फ शिक्षकों की उपस्थिति को ही अनिवार्य किया गया था। निर्देशानुसार शिक्षकों को स्कूल पहुंचकर एक जुलाई से शुरू होने वाले शिक्षण सत्र की तैयारी करनी थी। इसके बावजूद सोमवार को स्कूल खोलने का फरमान बेअसर दिखा।
इस दौरान ज्यादातर स्कूल या तो बंद मिले अथवा रस्म अदायगी के बतौर कुछ देर खोलकर औपचारिकता भर निभाने के बाद फिर बंद करा दिया गया। कई स्कूलों में तो सफाई तक नहीं करवाई गई। केवल दरवाजा खोलने और बंद करने का काम ही हुआ। इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए बीएसए संतोष देव पांडेय ने मंगलवार से पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति को अनिवार्य बनाने का निर्देश जारी किया है।