बाराबंकी। शुक्रवार को सीएचसी फतेहपुर जांच करने पहुंची स्वास्थ्य टीम।
- फोटो : अमर उजाला
सीएचसी पर एक दिन में चार नवजात शिशुओं की मौत के मामले में ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक की लापरवाही उजागर होने लगी है। वह ओपीडी में तो मौजूद थीं लेकिन प्रसव पीड़िताओं के पास नहीं गई। जिसके चलते स्टाफ नर्स को प्रसव कराना पड़ा।
शुक्रवार को मामले की जांच करने पहुंची अधिकारियों की टीम ने सीएचसी में भर्ती प्रसुताओं के बयान भी दर्ज किए हैं। टीम ने महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पूरी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंपने की बात कही है।
बतातें चलें कि बृहस्पतिवार को सीएचसी फतेहपुर में एक ही दिन में चार नवजातों की मौत हो गई थी। इस खबर को अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशन के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
मामले की जांच करने के लिए प्रभारी सीएमओ डॉ. सतीश चन्द्रा ने एसीएमओ डॉ. आईपी वर्मा और डॉ. राजकुमार को मौके पर भेजा। जांच पड़ताल के दौरान दोनों अधिकारियों की टीम ने सीएचसी में भर्ती प्रसूता रेनू के बयान भी दर्ज किए।
जांच पड़ताल के दौरान टीम को बताया गया कि महिला चिकित्सक डॉ. मोहिता ओपीडी में मौजूद थीं लेकिन प्रसव कराने के लिए वह नहीं गईं बल्कि उन्होंने स्टाफ नर्स को प्रसव कराने के लिए भेजा था।
जांच पड़ताल में महिला चिकित्सक द्वारा इस मामले में लापरवाही बरतने का मामला टीम ने पाया है। जिस पर जांच टीम ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपने की बात कही है।
सीएचसी फतेहपुर में चार नवजातों की मौत के मामले की जांच एसीएमओ डॉ. आईपी वर्मा और डॉ. राजकुमार को सौंपी गई है। अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सतीश चन्द्रा, प्रभारी सीएमओ