बाराबंकी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में अभियोजन कार्याें की समीक्षा करते हुए कहा कि अपराधियों की ऐसी सजा दिलाएं कि वह एक नजीर बने। सजा ऐसी हो कि अपराधी छोटे से छोटा अपराध करने से डरें।
उन्होंने कहा कि अपराधी किस्म के लोगों अपराध करने पर भी सजा से बच नहीं सकते हैं। न्यायालय में साक्ष्य के लिए आने वाले गवाहों की शत प्रतिशत समय पर गवाही सुनिश्चित कराई जाए और दोषमुक्त मामलों में नियमानुसार अपील भी दाखिल की जाए। अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि अभियोजन के कार्य को पूरी गंभीरता के साथ अंजाम दे।
इस दौरान दौरान गंभीर आरोपों से जुड़े वाद में आरोपियों के दोषमुक्त होने पर तीन विवेचकों की जिम्मेदारी तय करने व छूटे हुए मुकदमों में अपील दाखिल करने का निर्देश भी दिया। इस मौके पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय, एडीएम न्यायिक राजकुमार सिंह मौजूद रहे। (संवाद)