जिले में लंबे समय से तैनात चार अधिकारियों पर आयोग की गाज गिरना तय हो चुका है। राजनीतिक दलों द्वारा की गई शिकायतों के बाद आयोग इनकी गतिविधियों पर बराबर नजर बनाए हुए था। जिलाधिकारी से इस बाबत मांगी गई रिपोर्ट में उनके द्वारा की गई संस्तुति के बाद हड़कंप मच गया है।
राजनीतिक दलों ने जिला विकास अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी शोभनाथ यादव, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एचपी अंबेडकर और चकबंदी अधिकारी चंद्रिका प्रसाद के खिलाफ तीन वर्ष से अधिक तैनात रहना व दल विशेष के लिए निष्पक्ष चुनाव में पक्षपात की शिकायत निर्वाचन आयोग से की थी। तत्कालीन जिलाधिकारी अजय यादव के समय इनकी रिपोर्ट भी आयोग को भेजी गई थी। सूत्र बताते हैं कि इनके संबंध में पहले भेजी गई रिपोर्ट आयोग ने स्पष्ट न होने के कारण वापस कर दी थी।
जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने 27 जनवरी को निर्वाचन आयोग को अपनी भेजी गई रिपोर्ट में चारों अफसरों के तबादले की संस्तुति कर दी। मालूम हो कि अधिसूचना जारी होने के कुछ घंटे पहले एक दर्जन थाना प्रभारियों की तैनाती भी आयोग के आदेश पर निरस्त की गई थी। यहीं नहीं आयोग ने डीएम और एसपी को भी यहां से हटाकर उनके स्थान पर जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब और पुलिस अधीक्षक बैभव कृष्ण की तैनाती की थी।