बाराबंकी। पहली मानसूनी बारिश ने शहर की साफ-सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। एक घंटें की झमाझम बारिश में शहर लबालब हो गया। सड़क किनारे दुकान लगाने वालों लोगों की दुकानों में पानी भर गया। वहीं मोहल्लों को जाने वाले मार्गों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बारिश ने गर्मी और तेज धूप से राहत जरूर दी है पर उमस से लोग बेहाल दिखाई दिए। उधर बारिश से किसानों के चेहरे चमक उठे हैं। आवश्यकता भर का पानी गिरने से किसानों ने धान की रोपाई की तैयारियां तेज कर दी हैं।
शनिवार को शहर में करीब 63 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। दोपहर बाद शुरू हुई पहली झमाझम मानसूनी बारिश करीब एक घंटे तक हुई तो सड़कों पर अंधेरे छा गया लोग वाहनों की लाइटें जलकर गुजरते दिखाई दिए। इसके बाद जाकर पानी कुछ कम हुआ तब जाकर लोग अपने घरों तक पहुंचे। इस दौरान शहर के विजय नगर, लखपेडाबाग, तहसील कॉलोनी, आजाद नगर, नाका पैसार, विशाल मेगामार्ट के सामने सड़क के दोनों ओर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा सतरिख चौराहे पर सड़क किनारे लगी दुकानों तक पानी पहुंच जाने से इन्हें दुकाने बंद करनी पड़ी। लोगों का कहना है कि नालों की साफ-सफाई का कार्य सही समय से न होने की वजह से मोहल्लों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई है। ईओ पवन कुमार का कहना है कि नालों की सफाई का कार्य प्रगति पर है जहां पर जलभराव हुआ है वहां पर समस्या को दूर कराया जाएगा।
अब तेज होगी धान की रोपाई
किसानों का कहना है कि जिस तरह की बारिश शनिवार की दोपहर के बाद हुई इस तरह से बारिश की अभी और जरूरत हैं। कहा कि जिन किसानों के धान की बेरन तैयार हो चुकी है उन लोगों ने धान की रोपाई का कार्य शुरू कर दिया है। लेकिन यदि और बारिश होती है तो धान की रोपाई में और तेजी आएगी। क्योंकि मेंथा की पेराई का कार्य लगभग खत्म हो चुका है इसलिए किसानों को इस बारिश से कोई नुकसान नहीं बल्कि फायदा ही हुआ है।