इस बीच वीआईपी सुरक्षा में लगे अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो वहां हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस ने इस वाहन को कब्जे में ले लिया। सुरक्षा एजेंसी की सक्रियता के चलते पुलिस की सुुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई।
बीते शुक्रवार को पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी देवा स्थित सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार पर जियारत करने आए थे।
जियारत के बाद वापसी के दौरान उनका काफिला सरकारी तामझाम के साथ जैसे ही मझगवां शरीफ के लिए बढ़ा कि कौमी एकता द्वार के निकट एक लाल रंग की बिना नंबर लग्जरी गाड़ी एकाएक तेज रफ्तार से पूर्व गवर्नर की गाड़ी को ओवर टेक करती हुई उनके काफिले में घुस गई।
काफी दूर तक यह गाड़ी वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए काफिले में चलती रही वहीं कोतवाली पुलिस इससे बेखबर रही। बाद में वीआईपी सुरक्षा में लगे स्कोर्ट को इसकी जानकारी होते ही उन्होंने साथ चल रहे पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
वीआईपी सुरक्षा में सेंध लगने की जानकारी मिलते ही पुलिस सकते में आ गई। आनन-फानन में पुलिस ने करीब एक किलोमीटर की दूरी पर वाहन का पीछा कर उसे किनारे लगाकर पूछताछ शुरू कर दी। बाद में एसएसआई विवेक सिंह ने वाहन को सीज कर दिया।