कोटवाधाम (बाराबंकी)। बदोसराय इलाके के मीरापुर गांव में कर्ज में डूबे किसान राम सुरेश उर्फ बुधराम वर्मा (42) का शव फंदे से लटका मिला। 10 दिन पहले उसने अपनी जमीन बेची थी। इसके बाद चार दिन तक लापता रहने के बाद वह दो दिन पहले ही वापस घर लौट कर आया था। हादसे से पूरा परिवार सदमे में है। पुलिस प्रथमदृष्टया इसे आत्महत्या मान रही है।
मृतक के पुत्र वेदांत वर्मा ने बताया पिता राम सुरेश पर काफी कर्ज था। जिसको लेकर आए दिन लोग तकादा करने घर आ धमकते थे। करीब 10 दिन पहले उन्होंने गांव के बाहर करीब डेढ़ बीघा जमीन छह लाख रुपये में बेची थी। इसका पूरा पैसा भी अभी नहीं मिला था। जमीन बेचने के बाद भी कर्ज अदा न कर पाने से परेशान राम सुरेश एक सप्ताह पहले घर छोड़कर कही चले गए थे और दो दिन पहले ही वापस घर लौट कर आए थे।
बताया कि रविवार रात्रि घर खाना खाने के बाद गांव के बाहर ट्यूबवेल पर सोने गए थे और सुबह उनका शव गांव के बाहर आम के पेड़ पर बने फंदे से लटकता मिला। एसएचओ संतोष कुमार ने बताया कि आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
कर्ज न उतार पाने से अवसाद में थे राम सुरेश
मीरापुर गांव में किसान राम सुरेश उर्फ बुधराम ने बैंक नहीं बल्कि सूदखोरों से भी कर्ज ले रखा था। जिसका ब्याज लगातार बढ़ता जा रहा था। परिजनों के अनुसार कर्ज न उतार पाने की चिंता से ही वह अवसाद में आ गए थे। किसान की मौत के बाद उसके तीन बेटे व पत्नी गहरे सदमे में हैं। तीन बेटों में विशाल की शादी हो चुकी हैं। विकास (18) व वेदांत (15) के आंखों से आंसू बंद होने का नाम नहीं ले रहे। राम सुरेश की पत्नी बार-बार बेहोश होती रही।