बाराबंकी। रात के करीब 2:30 बजे लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर सन्नाटा पसरा था। तभी भिखरा गांव के पास तेज धमाके जैसी आवाज हुई और हाईवे से गुजर रहे वाहनों के पहिये थम गए। घायलों की कराहें सुन भिखरा गांव के लोग भी कांप गए। राहगीर और ग्रामीण दौड़कर पहुंचे तो सामने खौफनाक मंजर था। सुल्तानपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार इनोवा कार ट्रेलर में पीछे से घुस गई थी। गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रेलर में समा चुका था। अंदर से चीखें आ रहीं थी।
सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। कुछ ही देर में हैदरगढ़ कोतवाल अनिल कुमार पांडेय टीम के साथ पहुंचे। सामने मौत और जिंदगी के बीच लोग जूझ रहे थे। इनोवा चारों तरफ से पिचक चुकी थी। आगे की सीट पर एक युवक फंसा था, जबकि पीछे बैठे छह लोग बेसुध पड़े थे। पुलिस ने बिना देर किए जेसीबी मशीन बुलवाई।
ग्रामीणों और सिपाहियों ने मिलकर बचाव कार्य शुरू किया। किसी ने दरवाजे खींचे, किसी ने शीशे तोड़े। करीब आधे घंटे तक अंधेरे में जिंदगी बचाने की जंग चलती रही। एक-एक कर लोगों को बाहर निकाला गया और सीएचसी पहुंचाया गया लेकिन तब तक चार जिंदगी खत्म हो चुकी थीं। घायलों में पंकज और चंदन किसी तरह अपना नाम बता सके।
तीनों घायलों की हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। मृतकों में शामिल सत्यम सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय स्वयंसेवक थे। उनका परिवार भी लंबे समय से संघ से जुड़ा रहा है। शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो वहां संघ के जिला कार्यवाह सुधीर सहित कई पदाधिकारी पहुंच गए।
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90 पर स्थिर मिला स्पीडोमीटर का कांटा, एयरबैग का प्रभाव नहीं
दुर्घटनाग्रस्त इनोवा के स्पीडोमीटर का कांटा 90 किमी प्रति घंटा पर स्थिर मिला, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार टक्कर के प्रभाव और वाहन की क्षति को देखते हुए वास्तविक गति 100 किमी प्रति घंटा से अधिक होने की आशंका है। सड़क की मध्य मार्किंग, टायर स्क्रैच और वाहनों की अंतिम स्थिति के आधार पर परिवहन विभाग और पुलिस टीम ने पाया कि इनोवा कार पीछे से ट्रेलर के दाहिने हिस्से में घुसी।
टक्कर का प्रभाव इतना तीव्र था कि ट्रेलर के दाहिने हिस्से के दोनों पहिये व एक्सल टूटकर अलग हो गया। इनोवा के दोनों फ्रंट एयरबैग खुले मिले। गति इतनी ज्यादा थी कि एयरबैग भी यात्रियों की जान नहीं बचा सके। परिवहन विभाग की प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट में चालक को झपकी आने अथवा माइक्रो-स्लीप की आशंका भी जताई गई है।
अधिकारियों का मानना है कि चालक सतर्क होता तो लंबे और सीधे हाईवे पर ट्रेलर से टक्कर से पहले ब्रेक या वाहन मोड़ने के निशान मिलते जबकि मौके पर ऐसे स्पष्ट स्किड मार्क नहीं पाए गए। घटना के बाद मौके पर पहुंचीं आरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला ने पुलिस टीम के साथ दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।