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Barabanki News: रजिस्ट्री के बजाय आवंटी को फिर दे दिया आश्वासन

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एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे फरियादी। 
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लखनऊ। जानकीपुरम निवासी इंदु प्रकाश मकान की रजिस्ट्री के लिए 10 साल से भटक रहे हैं। बृहस्पतिवार को वह एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे। हालांकि, इस बार भी तुरंत रजिस्ट्री नहीं हो पाई। अफसरों ने एक बार फिर जल्द रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया। इसी तरह रजिस्ट्री, कब्जा और अतिक्रमण से जुड़े 36 मामले जनता अदालत में आए। इनमें से 11 का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
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आवंटी इंदु प्रकाश ने बताया कि जानकीपुरम सेक्टर-जे में आश्रयहीन योजना के तहत उन्हें 10 वर्ष पहले ईडब्ल्यूएस योजना का मकान आवंटित हुआ था। सतर्कता जांच के कारण कुछ मकानों की रजिस्ट्री रुक गई, जिसमें उनका भी मकान था। इसकी रजिस्ट्री के लिए करीब 30 बार एलडीए कार्यालय की दौड़ लगा चुके हैं। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार से मिलकर परेशानी बताने के बाद अब बताया गया है कि जांच पूरी हो गई है और रजिस्ट्री हो जाएगी। इससे थोड़ा संतोष मिला है।
जनता अदालत में आए पूर्व राज्यसभा सदस्य दिवंगत अच्छे लाल वाल्मीकि के बेटे कौशल कुमार वाल्मीकि ने बताया कि कि 1998 में डालीगंज के रामनगर में सड़क चौड़ीकरण में उनकी दुकानें तोड़ी गई थीं। तत्कालीन मंत्री लालजी टंडन ने विस्थापित कोटे से दुकान आवंटित करने के लिए एलडीए वीसी को पत्र लिखा था। मामले का निस्तारण अब तक नहीं हो सका है। आरोप लगाया कि कि आवंटन अन्य किरायेदारों के नाम कर दिया गया है। आपत्ति पर आवंटन निरस्त कर उनके नाम करने का आश्वासन मिला तो वर्ष 2006 में रकम भी जमा करा दी, लेकिन 28 वर्ष बाद भी आवंटन नहीं हुआ है। आज भी आवंटन किरायेदार के नाम है।
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एलडीए वीसी ने संबंधित जोन के अफसर से रिपोर्ट तलब कर मदद का भरोसा दिया है। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, संयुक्त सचिव सीपी त्रिपाठी, उप सचिव अतुल कृष्ण सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को निस्तारण के निर्देश दिए।


प्लॉट पर बन गया स्कूल, भटक रहा आवंटी
एक बार फिर जनता अदालत में आए मेहरबान अली ने बताया कि सरोजनीनगर की ईडब्ल्यूएस योजना में पत्नी सितारा बेगम के नाम 25 वर्ष पहले भूखंड आवंटित हुआ था। वर्ष 2024 में रजिस्ट्री भी हो गई, लेकिन कब्जा नहीं मिला। मेहरबान अली ने बताया कि उनके प्लॉट को मिलाकर वहां स्कूल बना दिया गया है। एक साल से एलडीए कार्यालय की दौड़ लगा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला है कि मेहरबान अली कब्जा ले चुके हैं, इसका शपथ पत्र भी उनकी ओर से रजिस्ट्री के समय दिया गया। यह भी पता चला है कि तीन भूखंड मिलाकर बनाए गए स्कूल में दो भूखंड के आवंटी पति-पत्नी हैं। ऐसे में एक आवंटन एलडीए निरस्त कर सकता है, क्योंकि एक परिवार में दो आवंटन छूट वाली योजना के नहीं हो सकते हैं।

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ग्रीन बेल्ट पर हो गया कब्जा, कार्रवाई सुस्त
जानकीपुरम में सृष्टि अपार्टमेंट के निवासियों ने एलडीए ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक सड़क पर हुआ कब्जा हटाने की मांग की। आवंटी विवेक शर्मा के अनुसार, सृष्टि और स्मृति अपार्टमेंट के बीच 18 मीटर चौड़ी सार्वजनिक सड़क और आरक्षित ग्रीन बेल्ट की जमीन पर कब्जा कर व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। यह मूल ले-आउट और स्वीकृत मानचित्र के खिलाफ है। एलडीए के आदेश पर तोड़ी गई बाउंड्रीवॉल को बिल्डर ने दोबारा खड़ा कर दिया है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।


रजिस्ट्री के लिए भटक रहे 272 आवंटी
वीरेंद्र कुमार शुक्ला और अरुण कुमार ने बताया कि तीन साल पहले एलडीए ने बसंतकुंज योजना के सेक्टर-ए में 272 प्लॉट आवंटित किए थे। इनका पैसा जमा होने के बाद एलडीए को रजिस्ट्री कर कब्जा देना था, लेकिन जमीन पर अवैध कब्जा होने के कारण ऐसा नहीं हो सका है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि एक तो बैंक में किस्त जा रही है, दूसरा किराये पर रहना पड़ रहा है। बैंक कर्ज देने के एवज में रजिस्ट्री मांग रहा है और एलडीए से रजिस्ट्री हो नहीं रही है। अफसरों ने एक बार फिर आश्वासन दिया है।

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आदेश के बाद नहीं ध्वस्त हो रहा अवैध निर्माण
माल एवेन्यू निवासी कुमार शुभम ने बताया कि उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध तरीके से अपार्टमेंट बना लिया है। एलडीए से उसका नक्शा भी पास नहीं है। इस कारण प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण आदेश किया, पर अब तक कुछ नहीं हुआ। आरोप लगाया कि इंजीनियरों की मिलीभगत के कारण रोक के बावजूद निर्माण हो रहा है।

एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे फरियादी। 

एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे फरियादी। 

एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे फरियादी। 

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