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Barabanki News: डेंगू से किशोरी, बुखार से मासूम ने तोड़ा दम

Sat, 21 Oct 2023 01:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। जिले में डेंगू और बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को भी डेंगू और बुखार से एक मासूम समेत दो की जान चली गई। वहीं सैकड़ों मरीजों का अलग-अलग अस्पतालाें में इलाज किया जा रहा है।
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डेंगू के कारण शहर के रसूलपुर निवासी श्रेया तिवारी (16) की जान चली गई। परिजनों के मुताबिक उसे कई दिनों से बुखार था। लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में प्लेटलेट्स की कमी और डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं जहांगीराबाद के मिर्जापुर गांव निवासी कुलदीप की पुत्री आर्या (1) ने बुखार के कारण दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि एक सप्ताह से बच्ची को बुखार था। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार जिले में डेंगू के आठ और मरीज मिले हैं। इनमें घुंघटेर और नगर क्षेत्र के दो-दो तथा देवा, मसौली, जाटाबरौली व सूरतगंज का एक-एक मरीज शामिल है। वहीं जांच में घुंघटेर, रामनगर, सिद्धौर, सूरतगंज, देवा, जाटाबरौली, रामसनेहीघाट व फतेहपुर में बुखार के 138 मरीज मिले हैं। उधर सिरौलीगौसपुर के संयुक्त चिकित्सालय में प्लेटलेट्स की कमी वाले छह मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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टायफाइड की जांच में भी चार मरीज मिले हैं। वहीं रामसनेहीघाट नगर पंचायत में डेंगू व उसके लक्षण जैसे बुखार से करीब 25 से अधिक लोग पीड़ित हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। रानीबाजार क्षेत्र के सिरौलीकला गांव में डायरिया के 20 मरीज मिले हैं। सीएमएस डॉ. बृजेश कुमार ने कहा कि अस्पताल आने वाले सभी मरीजों का बेहतर उपचार किया जा रहा है। किसी को कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी प्रकार की सुविधाएं अस्पताल में मौजूद हैं। लगातार जांच व दवा मरीजों को दी जा रही है।



मरीजों की भरमार, स्ट्रेचर तक मिलना दुश्वार
बाराबंकी। जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को यहां की अव्यवस्थाएं निराश कर रही हैं। पर्चा बनवाने से लेकर दवा और जांच के लिए तो परेशान होना ही पड़ता है। इमरजेंसी में भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। यहां आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हो रहा है। सभी वार्ड फुल हो गए हैं। ऐसे में कई मरीजों को बिना देखे ही रेफर कर दिया जाता है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। ऐसे में यहां के कर्मचारी भी परेशान नजर आए। एक स्ट्रेचर पर दो-दो मरीजों को लिटाकर इलाज किया गया। कुछ मरीज ऐसे भी नजर आए, जिन्हें स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हुआ।



मासूम ने तोड़ा दम, अस्पताल के पास नहीं जानकारी
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार सुबह 11 बजे छह वर्षीय मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद परिजन बदहवास होकर इमरजेंसी के गेट पर ही रोने लगे। कोई कुछ बताने की हालत में नहीं था। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से जब बच्ची की मौत के बारे में पूछताछ की गई तो जवाब मिला कि वह मृत अवस्था में यहां लाई गई थी। इसके चलते उसके बारे में कोई जानकारी अस्पताल के पास नहीं है।
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