बाराबंकी। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को चयन वेतनमान मिलने में हो रही देरी और कथित अड़ंगेबाजी से नाराज़ शिक्षकों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है। यूनाइटेड टीचर एसोसिएशन (यूटा) के जिला अध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को शिक्षक वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा।
डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि नियमों के अनुसार एक ही पद पर 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाना है। इसके लिए शासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऑनलाइन प्रक्रिया लागू की है, जिसके तहत बीईओ पात्र शिक्षकों के प्रकरण बीएसए को भेजते हैं और स्वीकृति के बाद आदेश जारी होते हैं।
आरोप लगाया कि जिले में करीब 1000 शिक्षकों के चयन वेतनमान के आदेश जारी होने के बावजूद वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय द्वारा उन्हें लंबित रखा गया है। साथ ही अनावश्यक रूप से ऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद ऑफलाइन सेवा पुस्तिका की मांग की जा रही है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश है।
यूटा ने मांग की है कि स्वीकृत आदेशों के अनुसार चयन वेतनमान का भुगतान अप्रैल माह के वेतन के साथ किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 6 मई को शिक्षक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।