बाराबंकी। लखनऊ रोड पर सफेदाबाद के निकट गेटेड आवासीय परिसर शालीमार मन्नत में 65 वर्षीय बुजुर्ग में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। बुधवार को परिजनों ने उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। इसके साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीज की स्थिति पर बराबर नजर रखने के साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, शहर के कटरा मोहल्ले में रहने वाले एक व्यक्ति में मलेरिया के लक्षण पाए गए हैं। तबीयत बिगड़ने पर उसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बरसात के दौरान बुखार पीड़ितों की लगातार बढ़ रही संख्या के कारण ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। बुधवार को ओपीडी में करीब 2500 मरीज पहुंचे। इनमें 150 से अधिक बुखार से पीड़ित थे। इमरजेंसी में भी करीब 300 मरीज पहुंचे। सुबह आठ बजे अस्पताल खुलने से पहले ही डॉक्टर के कक्ष के बाहर लंबी कतार लग गई। जांच की जरूरत वाले मरीजों की मुश्किल तब और बढ़ गई, जब डॉक्टर ने जांच तो लिख दी लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद जांच केंद्रों पर परचा जमा करने का समय खत्म हो चुका था। ऐसे में कई मरीज जांच कराए बिना ही लौटने को मजबूर हुए।
जिले में स्वाइन फ्लू के सात मरीज मिलने के बावजूद अस्पताल में संक्रमण से बचाव को लेकर जिम्मेदार उदासीन बने हैं। ओपीडी से लेकर दवा काउंटर पर जांच काउंटर पर अधिकांश मरीज बिना मास्क के एक-दूसरे से सटकर खड़े हो रहे हैं। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि इन दिनों जिला अस्पताल में रोजाना दो से ढाई हजार मरीज पहुंच रहे हैं। जांच के लिए समयावधि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।