बाराबंकी। रक्षाबंधन पर भाईयों के पास पहुंचने के लिए बहनों को रोडवेज बसों से सफर करने में काफी मशक्कत करना पड़ी। शासन की तरफ से रक्षाबंधन पर बहनों को रोडवेज के बसों में मुफ्त यात्रा का तोहफा दिया गया था। इसके चलते 18 अगस्त की रात 12 बजे से ही मुफ्त यात्रा के लिए रोडवेज के बस स्टेशन पर महिला यात्रियों की भीड़ जुटने लगी थी। शहर के देवा रोड बस स्टैंड पर मुफ्त यात्रा करने के लिए बहनों को धक्के खाने के साथ पसीना भी बहाना पड़ा। रोडवेज बसों से 24 घंटे तक मिली मुफ्त यात्रा सुविधा का फायदा जिले की 25,805 महिलाओं ने उठाया।
सोमवार को दोपहर बाद बस स्टेशन पर भीड़ बढ़ने से हालात बेकाबू हो गए। डीएम के निर्देश पर स्थिति को संभालने के लिए परिवहन निगम के साथ पुलिस के अफसरों को भी जुटना पड़ा। एएसपी उत्तरी ने पुलिस बल के साथ बस स्टेशन पर यात्रियों को बैठाने और बसों को गंतव्य तक भिजवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। भीड़ के कारण बसों में क्षमता से डेढ़ से दो गुना अधिक यात्रियों को सफर करने के लिए विवश होना पड़ा। बसों की संख्या कम पड़ जाने से बड़ी संख्या में यात्रियों को रात भर बसों के लिए भटकना भी पड़ा।
भद्रा के चलते राखी बांधने का समय दोपहर बाद से शुरू होने के कारण एक ही समय पर यात्री गंतव्य तक पहुंचने के लिए बस स्टेशन पर पहुंच गए। इससे दोपहर बाद बस स्टेशन पर मुफ्त यात्रा के लिए महिला यात्रियों का हुजूम जुट गया। बस आती देख यात्री बैठने के लिए उस तरफ दौड़ पड़ते थे। सीट पाने के लिए बसों की खिड़की से भी लोग बच्चों को अंदर भेजते दिखे। यात्रियों की भीड़ के कारण रोडवेज द्वारा संचालित बसें कम पड़ गईं।
यात्रियों की भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम के अफसरों को पांच अतिरिक्त बसें कैसरबाग और दो बसें हैदरगढ़ डिपो से मंगानी पड़ी। इसके बाद भी बसों का टोटा बना रहा। अनुबंधित 102 बसों में से दो बसें खराब हाे जाने के कारण नहीं चलाई जा सकी। इसके बावजूद विभिन्न रूटों पर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कुल 105 बसों का संचालन हुआ।
प्रभारी एआरएम जमीला ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को 18 अगस्त की मध्यरात्रि से 19 अगस्त की मध्यरात्रि तक मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई। इस दौरान विभिन्न रूटों पर 25,805 महिला यात्रियों ने बसों से मुफ्त सफर किया। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए बसों के फेरों की संख्या भी बढ़ाई गई लेकिन जाम के कारण इनके फेरे लग नहीं सके। बताया कि इस दौरान रोडवेज विभाग की तरफ से महिलाओं को जीरो बैलेंस के टिकट जारी किए गए। इसके तहत परिवहन विभाग को यात्रा मद में 12,51,521 रुपये खर्च करना पड़े।