बाराबंकी। गांवों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने जिले को 29 सड़कों की सूची भेजी है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। इन सड़कों पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कोई निर्माण कार्य न कराए जाने की स्थिति में यह सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई जाएगी। सर्वे का कार्य एक सप्ताह में पूरा करना है। वहीं दूसरी ओर पिछले वित्तीय वर्ष स्वीकृति हुई 13 में से एक दर्जन सड़कों का लोकार्पण के बाद निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
अच्छी सड़कों से ही गांव के विकास का रास्ता जाता है। इसी उद्देश्य को लेकर हर साल केंद्र सरकार द्वारा गांवों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जोड़ने के लिए चिह्नित सड़कों का चौड़ीकरण कर नई सड़कें बनाई जाती हैं। योजना के मुताबिक, जिस मार्ग पर स्कूल, पंचायत भवन, अस्पताल, बैंक, बाजार आदि पड़ते हैं। उन सड़कों को इसमें शामिल किया जाता है।
इस वित्तीय वर्ष भी केंद्र सरकार ने जिले को 29 सड़कों की सूची भेजकर उनका सर्वे कराने के निर्देश ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दिए हैं और करीब सवा दो सौ किलोमीटर लंबी सड़कें बनाने की योजना बनाई है। विभाग एक सप्ताह में सर्वे कर फाइनल सूची केंद्र सरकार को भेजेगा। स्वीकृति के बाद टेंडर और फिर निर्माण कार्य होगा। सर्वे में पीडब्लूडी द्वारा 29 सड़कों में से किसी पर निर्माण कार्य कराया गया होगा तो उसे शामिल नहीं किया जाएगा।
12 सड़कों का तेजी से चल रहा काम
पिछले वर्ष आरईडी को 13 सड़कों की स्वीकृति मिली थी। सांसद और विधायक द्वारा लोकार्पण के बाद निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। मिट्टी और गिट्टी पटाई के बाद आरसीसी का काम शुरू होगा। एक ठेकेदार की मृत्यु के चलते एक सड़क के निर्माण का काम अटक गया है। इन सड़कों के निर्माण पर डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है।
पीएमजीएसवाई के तहत 29 सड़कों की सूची सर्वे के लिए मिली है। सर्वे का काम किया जा रहा है। करीब सवा दो सौ किमी. लंबी सड़कों की संख्या और लंबाई में बदलाव हो सकता है।
-केपी सिंह, जेई, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, आरईडी