बाराबंकी। आंधी-बारिश से बृहस्पतिवार को पटरी से उतरी बिजली आपूर्ति व्यवस्था दूसरे दिन शुक्रवार को भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी। फाल्ट ठीक न हो पाने के कारण फतेहपुर और रामनगर क्षेत्र के करीब 140 गावों की बिजली आपूर्ति 48 घंटे बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। इससे करीब डेढ़ लाख की आबादी को परेशानी उठाना पड़ी। हालांकि पॉवर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी दिन भर टूटी सप्लाई लाइन के साथ क्षतिग्रस्त हुए खंभों को ठीक करने में जुटे रहे।
आंधी और बारिश ने भले ही गर्मी से राहत दे दी हो लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी रात गुल रही बिजली ने सभी को खूब परेशान किया। बृहस्पतिवार को आंधी पानी के बाद कई जगहों पर बिजली के खंभे, तार व केबल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके चलते सतरिख क्षेत्र में करीब 70 गांवों की बिजली आपूर्ति शुक्रवार देर शाम तक भी बहाल नहीं हो सकी। रामनगर कस्बा, जलालपुर, महादेवा, कुंभरावा, पिपरी, लोधौरा, मीतपुर समेत 40 गांवों की बिजली आपूर्ति भी बाधित बनी रही।
फतेहपुर क्षेत्र में घुंघटेर के टिकरा गांव के पास सड़क के किनारे लगा बिजली का खंभा पेड़ गिरने से टूट गया था। बिजली का खंभा नहीं मिलने से शुक्रवार देर शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इससे 30 गांव की करीब दो हजार की आबादी को परेशानी उठाना पड़ी। एक्सईन सुभाष चंद्र मौर्य ने बताया कि सतरिख में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई है। अधीक्षण अभियंता राजबाला ने बताया कि खंभे लगाने के साथ बिजली के तार भी दुरुस्त किए जा रहे हैं। एक्सईन, जेई, एसडीओ समेत सभी कर्मचारी आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे हैं। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।