बाराबंकी। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में युवक का फंदे पर लटका शव, दोनों हाथों की कटी नस, आसपास कई जगहों पर बिखरा खून। इसे देखते ही पुलिस ने इसे हत्या करार दिया। हत्या का केस भी दर्ज हुआ मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि हुई। पुलिस भी हैरत में है। इसलिए लखनऊ से आने वाली टीम पूरी घटना का सीन रिक्रिएशन करेगी। एक फिल्म बनेगी कि कब कैसे क्या हुआ होगा।
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के उतरांवा गांव निवासी नीरज रावत (30) का शव बुधवार सुबह गांव के बाहर पेड़ में लटका मिला था। उसके दोनों हाथ की नसें कटी थी। कुछ दूर खेत में नीरज के चप्पल, शर्ट, मोबाइल पड़े मिले थे। कई जगहों पर खून बिखरा था। एसपी दिनेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। पिता छंगालाल की ओर से अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया गया। लेकिन बुधवार शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आने से पूरी घटना आत्महत्या में तब्दील हो गई।
इससे पुलिस भी हैरत में पड़ गई। इसके बाद मृतक नीरज के मानसिक रूप से बीमार रहने के दावे किए गए। मामले की जांच एसएचओ मोहम्मदपुर खाला अनिल सिंह कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को फील्ड यूनिट ने घटनास्थल कई चीजों के सैंपल लिए। सीओ फतेहपुर डॉ. बीनू सिंह ने बताया कि यदि नीरज ने आत्महत्या की तो किस तरह की होगी। स्पेशल टीम घटना में सीन की पुनर्रचना करेगी। कब क्या और कहां कैसे हुआ यह जानने की कोशिश होगी।
नीरज का इलाज मानसिक रोग से डॉक्टरों से कराने की बात पता चली है। सीओ ने बताया कि डॉक्टरों से भी जानकारी की जाएगी। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कोई बिंदु छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि खुद को नुकसान पहुंचाना मानसिक रोग के तहत आता है। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है।
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