बाराबंकी। हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र के पोखरा स्थित चीनी मिल का पेराई सत्र बुधवार को समाप्त हो गया। गन्ना की आवक में कमी के कारण यह निर्णय लिया गया। मिल को अपने निर्धारित लक्ष्य से करीब 12 लाख क्विंटल कम गन्ना प्राप्त हुआ।
मिल के उप महाप्रबंधक गन्ना धर्मेश मेहरोत्रा ने पेराई सत्र के समापन की जानकारी दी। उन्होंने सुचारु रूप से सत्र चलाने में किसानों के सहयोग की सराहना की। मेहरोत्रा ने किसानों से बसंत कालीन गन्ना बोआई का क्षेत्रफल बढ़ाने का आग्रह किया
मिल प्रबंधन ने 14 नवंबर 2025 को पेराई सत्र शुरू किया था। गोंडा और सीतापुर क्षेत्र में पांच नए तौल केंद्र आवंटित किए गए थे। प्रबंधन ने 54 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था। एक माह पहले सुल्तानपुर की सहकारी चीनी मिल बंद हो गई थी। वहां के गेट सहित तीन केंद्रों का गन्ना भी इस मिल को आवंटित हुआ। इसके बावजूद मिल तक मात्र 42.68 लाख क्विंटल गन्ना ही पहुंच सका।
बुधवार सुबह आठ बजे गन्ना की कमी के कारण पेराई रोकनी पड़ी। पिछले साल मिल ने 47 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की थी, इस बार वह आंकड़ा भी नहीं छू पाई।
मिल के अधिकारियों के अनुसार, आवंटित क्षेत्रों में कोल्हू पर गन्ना महंगा खरीदा गया। सरकारी खरीद मूल्य से अधिक दाम मिलने से किसानों ने कोल्हू को प्राथमिकता दी। मौसम की तपिश ने भी गन्ना उत्पादन को प्रभावित किया। इससे गन्ना उपज में 15 से 20 फीसदी की कमी दर्ज की गई। होली के बाद आठ दिन में मिल को केवल करीब 50 हजार क्विंटल गन्ना ही मिल पाया।