कोटवाधाम/सूरतगंज (बाराबंकी)। सरयू की बाढ़ से घिरे करीब 55 गांवों में अब जान बचाने की जद्दोजहद शुरु हो गई है। एक तरफ बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई तो दूसरी ओर बीमार लोगों को दवाई मिलना मुश्किल है। गांवों में भरा बाढ़ का पानी सड़कों व रास्तों को पहले ही डुबो चुका है। फसलें डूबने व घरों में पानी भरने से बेहाल परिवार तेजी से तटबंधों पर आ रहे हैं। इटहुवा पूर्व गांव के दो मकान नदी में समा गए हैं। बृहस्पतिवार को नदी खतरे के निशान से करीब 57 सेमी ऊपर बह रही थी।
सिरालीगौसपुर तहसील क्षेत्र के गोबरहा, तेलवारी, भैरवकोल, टेपरा, बघौलीपुरवा, कहारनपुरवा, रायपुर, माझा, नव्वनपुरवा, नैपुरा, परसवाल, बबुरी, कुड़वा गांवों के परिवार बृहस्पतिवार को भी गांव से पलायन कर तटबंध की ओर आ रहे हैं। लोग बाहर आने के लिए गांव में नाव का इंतजार कर रहे हैं। पूरा दिन इन गांवों में पलायन चलता रहा।
एसडीएम विश्वमित्र सिंह व तहसीलदार सुरेंद्र कुमार ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। वहीं, रामनगर तहसील के एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सूरतगंज ब्लॉक के सुंदरनगर कोडरी, लालपुरवा, बेलहरी, बबुरी, पर्वतपुर, करमुल्लापुर, सुमिरनपुरवा, मिश्रीपुरवा, ललपुरवा, गायघाट, बिझला, बल्लोपुर, मदरहा, कोयलीपुरवा, साई तकिया, सकतापुर और नदी के उस पार स्थित जमका, खुज्जी, परशुरामपुर, फाजिलपुर गांवों में पानी भरा है।
इन गांवों के किनारे प्रशासन ने नावें लगा दी हैं। सुंदरनगर गांव के रामसहाय, कल्लू, दिनेश, कुंवारे, लालता, बदलू, कल्लू चौहान, सिघहा, चेतराम, सागर, कल्लू राजपूत आदि लोग तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। जो लोग गांव के अंदर हैं उन्हे प्रशासन द्वारा बाहर निकालकर तटबंध तक लाने की कवायद पूरा दिन चली।
तटबंध पर बंटा भोजन-तिरपाल, चले जनरेटर
बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था प्रशासन ने करनी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को सुंदरनगर गांव के पास तटबंध पर भोजन के साथ सभी परिवारों को तिरपाल बांटे गए। एसडीएम रामनगर अनुराग सिंह ने बताया है कि 35 से अधिक परिवार तटबंध पर आ चुके हैं। परिवारों के लिए भोजन, तिरपाल के साथ जनरेटर चलाए जा रहे हैं। राजस्वकर्मी तैनात हैं। वहीं, सिरौलीगौसपुर के एसडीएम ने बताया कि सनावा बाढ़ चौकी, प्राथमिक विद्यालय शेखपुर टुटरु, करौनी व कोठरी गौरिया गांव में बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन बनाया जाएगा।
मेडिकल टीमें तैनात, 42 गर्भवती चिंहित
बाढ़ क्षेत्र में सीएचसी सिरौलीगौसपुर की तीन टीमें तैनात हैं। इसमें सनावा तेलवारी के साथ अलीनगर गांव के पास तटबंध पर दवा कर वितरण कराया जा रहा है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 42 गर्भवती महिलाओं की सूची बना ली है। मोतियाबिंद व खून की कमी वाले मरीजों को चिंहित कर इलाज किया जा रहा है।
बाढ़ पीड़ितों को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सजग है। बाढ़ चौकियां संचालित करा दी गई हैं पका पकाया भोजन बनाने का कार्य शुरू करा दिया गया है। तीनाें तहसीलों के एसडीएम को स्थिति पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी