बाराबंकी। पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता के लिए पेट्राेलियम उत्पादों का कम से कम प्रयोग करने की अपील प्रधानमंत्री ने की है लेकिन इस अपील का असर जिले के 25 प्रतिशत अधिकारियों और कर्मचारियों पर नहीं दिखता है। शाम होते ही ये अधिकारी निजी वाहनों से राजधानी कूच कर जाते हैं। डीएम, सीडीओ ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए ऐसे अफसरों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।
वैसे तो ज्यादातर अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय पर बने सरकारी आवासों में निवास करते हैं। कई अधिकारियों ने सफेदाबाद के निकट किराये पर कमरे ले रखें हैं। बावजूद इसके, करीब 25 प्रतिशत अधिकारी और कर्मचारी ऐसे हैं जो राजधानी का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं और शाम होते ही निजी वाहनों से लखनऊ के लिए रवाना हो जाते हैं।
जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन ने बताया कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने के आदेश हैं इसके बाद भी यदि कोई अधिकारी कर्मचारी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।