संवाद न्यूज एजेंसी त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। करीब एक माह से बीमार चल रहे 75 वर्षीय हाथी के निधन के बाद बृहस्पतिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। ग्रामीणों ने हाथी का दांत निकालने का आरोप लगाकर टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान अधिकारियों और डॉक्टरों ने भागकर जान बचाई। वहीं ग्रामीणों के हत्थे चढ़े वन विभाग के दो कर्मचारियों को पीट दिया। हालांकि बाद में कई थानों की पुलिस की मौजूदगी में हाथी को दफन कराया गया। एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
बता दें कि लोनीकटरा थाना क्षेत्र के नेवाजगंज निवासी महंत हरिनाम दास के आश्रम पर पिछले कई वर्षों से रह रहे हाथी की बुधवार को अयोध्यागंज के पास मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को सीवीओ डॉ. जेएन पांडेय के नेतृत्व में डॉ. ओपी सिंह यादव, डॉ. बिपाशा सिंह, डॉ. एसके द्विवेदी, डॉ. रजनीश, डॉ. सतीश, डॉ. अमित कुमार गौतम, डॉ. विजय विक्रम सिंह नेनवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. ब्रजेंद्र मणि यादव के साथ हाथी का पोस्टमार्टम करने गए थे।
पोस्टमार्टम के बाद हाथी दांत की नाप लेने के दौरान महावत संतराम ने दांत निकालने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया तो एक सुरक्षा कर्मी ने उसे थप्पड़ मारते हुए धक्का दे दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। टीम ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। वन विभाग द्वारा चीरा लगाने व चमड़ी उतारने के लिए बुलाए गए कमलेश व लल्लू निवासीगण पांचू का पुरवा को ग्रामीणों ने पीटकर जख्मी कर दिया।
वहीं मथुरा के डॉक्टरों की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना पाकर सीओ हैदरगढ़ जेएन अस्थाना, तहसीलदार शशि कुमार त्रिपाठी, डीएफओ रुस्तम परवेज, हैदरगढ़ इंस्पेक्टर अजय कुमार त्रिपाठी, लोनीकटरा अजय प्रकाश त्रिपाठी कई थानों की पुुलिस समेत पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। साथ ही जेसीबी लगाकर शव को दफन कराया। डीएफओ ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद अचानक से हंगामा शुरू हो गया था। हाथी को दफन करा दिया गया है।