केदारीपुर गांव के पास नदी में कट रही जमीन को देखते चिंतित ग्रामीण। संवाद
सूतरगंज/कोटवाधाम। सरयू नदी का जलस्तर घटने-बढ़ने के साथ ही सिरौलीगौसपुर और रामनगर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में कटान तेज हो गया है। नदी खेतों में खड़ी धान, गन्ना, उड़द और सब्जियों की फसल के साथ उपजाऊ जमीन को तेजी से अपने आगोश में ले रही है। करीब 225 बीघा जमीन नदी में समा चुकी है।
रविवार शाम तक सरयू नदी खतरे के निशान से करीब 20 सेमी नीचे बह रही थी। सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के बबुरी गांव के पास नदी कई घरों को अपने आगोश में ले चुकी है। अब नदी खेतों और उपजाऊ जमीन की ओर बढ़ रही है। सिरौलीगुंग गांव के किसान रामसुमिरन, हरबख्श और कमलेश, बबुरी गांव के रामकृपाल तथा घुटरू गांव के दयाराम, रामशंकर और सत्यनारायण अवस्थी समेत कई किसानों की जमीन लगातार कट रही है।
रविवार को प्रशासन ने नुकसान का सर्वे शुरू कराया। बबुरी के पास कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से परक्यूपाइन के साथ झाड़-झंखाड़ डाले जा रहे हैं, लेकिन ये उपाय कारगर साबित नहीं हैं।
उधर, रामनगर तहसील के केदारीपुर गांव में भी तेजी से कटान जारी है। यह गांव पिछले साल की बाढ़ में अपना करीब आधा अस्तित्व खो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक करीब 200 बीघा में खड़ी उड़द, धान, परवल और अन्य सब्जियों की फसल नदी में समा चुकी है। कटान के चलते गांव के चार-पांच छप्परनुमा घर भी नदी के निशाने पर आ गए हैं।