बाराबंकी। नवाबगंज तहसील के नामाकंन कक्ष का हाल।
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निर्वाचन जैसे बड़े कार्य में प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी ही इसमें बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। आयोग के निर्देश पर तैनात किए गए रिटर्निंग अफसरों को नामांकन के लिए आवंटित कक्षों से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
जिस पर प्रत्याशियों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। परमीशन लेने के लिए प्रत्याशियों को किसी प्रकार संबंधित आरओ का नंबर प्राप्त कर उसके विभागीय कार्यालय में तलाश रहे है। लगभग यह स्थिति हर तहसील मुख्यालयों पर देखी जा रही है।
नगर निकाय चुनाव को लेकर आयोग के निर्देश पर अध्यक्ष व सभासद पदों के नामांकन के लिए अलग-अलग रिटर्निंग अफसरों की तैनाती की गई थी और नगर पालिका परिषद के लिए नवाबगंज तहसील के छह कक्षों समेत कलेक्ट्रेट के 16 कक्षों को नामांकन कक्ष का रूप दिया गया था। जिसमें निर्धारित समय में आरओ की मौजूदगी में नामांकन प्रक्रिया कराई गई।
आयोग के निर्देशानुसार प्रत्याशियों को प्रचार के लिए आरओ से परमीशन लेना अनिवार्य है। ऐसे में सभी आरओ को मतदान के एक दिन पूर्व तक अपने-अपने नामांकन कक्षों में सुबह 11 बजे से शाम तीन बजे तक उपलब्ध होना था।
लेकिन सिंबल आवंटन के बाद से आरओ से यह नामाकंन कक्ष खाली करा लिए गए और उन्हें दूसरे किसी स्थान पर बैठने को कहा गया जिस पर वह राजी नहीं हुए। जिम्मेदार अधिकारियों ने बताया कि न्यायिक कार्यों में दिक्कत न आए, इसके लिए उन्हें दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया है।
लेकिन इस पर प्रशासन के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। सूत्रों की मानें तो शुक्रवार की मिली शिकायत पर डीएम अखिलेश तिवारी ने एसडीएम समेत निर्वाचन से जुडे़ अधिकारियों के साथ बैठक में इस मुद्दे पर कई एसडीएम को फटकार भी लगाई थी।