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Barabanki News: बाराबंकी से नेपाल तक सांपों की तस्करी, वन विभाग अलर्ट

Thu, 28 Mar 2024 02:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। जिले में हर साल हजारों की संख्या में सांप मार दिए जाते हैं। सांप व इंसान के बीच की इस दूरी का फायदा तस्करी करने वाले उठा रहे हैं। वन विभाग को इस बात के पुख्ता सुबूत मिले हैं कि सांपों की तस्करी का यह जाल बाराबंकी से नेपाल तक फैला है। इसके बाद सक्रिय हुआ वन विभाग अब सांपों को पकड़ने व जहर निकालने वालों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ में जुट गया है। इसके लिए सपेरों के साथ ही कथित बाबाओं व सांप पकड़ने वालों की निगरानी भी की जा रही है।
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जिले में प्रमुख रुप से रसल वाईपर, कोबरा व करैत जैसे सांप पाए जाते हैं। इनके जहर की कीमत बाजार में 20 हजार रुपये प्रतिग्राम से अधिक है। नशे के साथ यौन शक्ति बढ़ाने में भी सांप के जहर का इस्तेमाल होता है। इसकी सबसे अच्छी कीमत नेपाल में मिलती है। कुछ दिन पहले देवा कोतवाली क्षेत्र में बहराइच के सईद को दुर्लभ प्रजाति के रेड सैंड बोआ सांप के साथ पकड़ा गया था। इसके साथ ही आए दिन सांप पकड़ने वाले भी गांवों में घूमा करते हैं।
डीएफओ आकाश बाधवान ने बताया कि सांप पकड़ने से लेकर उसे दूसरे जिले में ले जाने तक विभाग से अनुमति लेना जरूरी होता है। बताया है कि सांपों की तस्करी का इनपुट मिलने के बाद ऐसे लोगों की निगरानी बढ़ा दी गई है। बाराबंकी को सांपों की तस्करी के लिए सबसे मुफीद माना जाता है। इसके दृष्टिगत ही सांपों की तस्करी की संभावना को देखते हुए विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
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जिले में सांपों से जहर निकालकर उन्हें सुरक्षित बनाने का एक ही लाइसेंस जारी है। यह लाइसेंस वन विभाग की हरख रेंज व सतरिख थाना क्षेत्र के वासुखेड़ा गांव में आभा रिसर्च इंडस्ट्रीज के नाम है। इसके बावजूद बीते तीन साल से इस लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ है। विभाग अब यहां के काम काज की भी निगरानी कर रहा है।
. जिले में पहले गांवों में दो मुंहा सांप अक्सर दिख जाता था। दरअसल इस सांप की पूंछ भी मुंह जैसी होती है। इसलिए लोग इसे दो मुंह वाला सांप कहते हैं। इस सांप का नाम रेड सेंड बोआ है। इस सांप की अंतरराष्ट्रीय कीमत दो से पांच करोड़ तक है। यह टोटके में प्रयोग होता है। जिले में यह सांप अब लुप्त प्राय: हो गया है।

डीएफओ आकाशदीप बाधवान ने बताया कि यदि किसी आबादी क्षेत्र में, स्कूल, मकान, दुकान आदि में सांप निकल आए तो मदद के लिए वन विभाग की हेल्पलाइन नंबर 1926 डायल करना चाहिए। इसके साथ ही संबंधित वन क्षेत्राधिकारी के सीयूजी नंबर पर भी सूचना दर्ज कराई जा सकती है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम सांप का रेस्क्यू सुनिश्चित करेगी। सांप को मारने की कोशिश न की जाए।
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