बाराबंकी। सहालग शुरू होते ही प्रशासन के दावों की हकीकत सामने आ गई है। शादी वाले घरों तक समय पर गैस सिलिंडर पहुंचाने की व्यवस्था कागजों में ही सिमट गई है। हाल में ही जिनके घरों में शादी थी, उनके यहां समय पर सिलिंडर नहीं पहुंचे। ऐसे में मजबूरन भट्ठियां व लकड़ी का चूल्हा जलाना पड़ा।
रामनगर तहसील क्षेत्र में अब तक करीब 200 आयोजकों ने 800 सिलिंडरों की मांग की है। प्रशासन ने एजेंसियां तो आवंटित कर दीं, लेकिन जमीनी स्तर पर आपूर्ति ठप है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि पेट्रोलियम कंपनियों से पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही, जिससे स्वीकृति के बाद भी वितरण नहीं हो पा रहा है।
मलौली निवासी दिलीप राठौर की बेटी का सोमवार को विवाह था। उन्होंने 10 अप्रैल को छह कॉमर्शियल सिलिंडर के लिए आवेदन किया था। जिला पूर्ति निरीक्षक ने चार सिलिंडरों की स्वीकृति दी थी। रविवार को दिलीप सुनंदा गैस एजेंसी पहुंचे, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। मलौली निवासी चरण सिंह के बेटे का मंगलवार को तिलक समारोह है।
उन्होंने चार सिलिंडर के लिए आवेदन किया था, दो स्वीकृत हुए पर सोमवार को नहीं मिले। बुढ़वल निवासी खातून के बेटे का मंगलवार को निकाह है। उन्हें पांच सिलिंडरों के सापेक्ष एक भी नहीं मिला। पूर्ति निरीक्षक अनुज सिंह ने बताया कि कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति अभी सामान्य नहीं हुई है। इससे गैस एजेंसियों को मांग के अनुसार सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
नहीं उठता फोन
सबसे बड़ी समस्या यह है कि गैस एजेंसी के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का फाेन नहीं उठता। ऐसे में उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी जाकर पता लगाना पड़ रहा है। गैस एजेंसी जाने पर भी दो टूक कह दिया जाता है कि मोबाइल पर मेसेज देखिए। सिलिंडर आने का मेसेज मोबाइल पर ही मिलेगा।
गैस की किल्लत बना रहा डिलीवरी कोड
सिलिंडर के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड आने में चार से पांच दिन दिन लग जाते हैं। कोड आने पर गैस मिलती है। काॅमर्शियल सिलिंडर समय पर मिलना आसान नहीं है। जब तक सिलिंडर आता है, शादी समारोह की तारीख निकल जाती है। मजबूरन भट्ठियों व लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाया जाता है। नाम न छापने की शर्त पर एक कैटर्स ने बताया कि घरेलू सिलिंडर दो हजार रुपये व काॅमर्शियल सिलिंडर 3500 रुपये में खरीदना पड़ रहा है।
पेट्रोल टंकियों पर नहीं पहुंच रहा पेट्रोल-डीजल
पेट्रोल टंकी पर डीजल और पेट्रोल न मिल पाने से लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। कोटवाधाम में स्थित स्वामी जगजीवन दास फिलिंग स्टेशन पर दो दिन से डीजल नहीं था। मंगलवार सुबह यहां पर टैंकर पहुंचा तो डीजल पेट्रोल लेने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई।
बदोसराय स्थित तीन पेट्रोल टंकियों पर एक दिन छोड़कर पेट्रोल पहुंच रहा है। ईंधन जब पहुंचता है तो उसको लेने के लिए लोगों की भीड़ जुट जाती है।