हैदरगढ़ (बाराबंकी)। बसों के संचालन में मनमानी के चलते स्थानीय बस स्टेशन से सवारियां दूरी बना रही हैं और निजी वाहन सवारी ले जा रहे हैं। दोगुना किराया और कई बार साधन बदलने के झंझट के बाद भी निजी वाहनों से सफर करना मजबूरी बन गई है। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभागीय अधिकारियों के राजधानी से मोह के चलते परिवहन व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। कस्बे के बस स्टेशन से सीमावर्ती जिला रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर व लखनऊ के लिए भी बसें नहीं मिलती है। रायबरेली के लिए चलाई गई बस सुबह नौ बजे रायबरेली से आकर वापस जाती है और यही बस दिन में 12 बजे आकर रायबरेली वापस लौट जाती है। मंगलवार बस नहीं आई। लखनऊ के लिए कैसरबाग डिपो की मात्र तीन बस चलाई गई, जिसमें एक बस कई दिन से खराब है। दो बसें एक-दो चक्कर लगाकर खड़ी हो जाती हैं। इसके बाद शाम तीन बजे से लखनऊ के लिए कोई बस नहीं मिलती है।
सुबह हैदरगढ़ डिपो की बस लखनऊ से हैदरगढ़ होकर भिटरिया का एक चक्कर लगाती है। सवारियां कस्बा के मुख्य चैराहे से निकलकर लखनऊ, सुल्तानपुर, रायबरेल, भिटरिया मार्ग पर साधन की तलाश में खड़ी होती हैं और पुलिस के सामने निजी वाहन निकल जाते हैं। एआरएम जगदीश प्रसाद ने बताया स्टेशन से सवारियां नहीं मिलने से संचालन में दिक्कत आ रही है।