टिकैतनगर (बाराबंकी)। गेहूं की फसल में खरपतवार नाशक दवा डालने से किसानों की 25 बीघा फसल बर्बाद हो गई। फसल सूखती देख परेशान किसानों ने इसकी शिकायत जिला जिला कृषि रक्षा अधिकारी व मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। इसके बाद से दुकानदार किसानों को धमकी दे रहा था। यह मामला अमर उजाला में प्रमुखता प्रकाशित होने के बाद सोमवार को जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने दुकान पर छापा मारकर बिना लाइसेंस चल रही दुकान को सीज करा दिया और विक्रेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मामला टिकैतनगर क्षेत्र का है। यहां के दो गांव छुरिया और कस्बा इचौली के एक दर्जन किसानों ने खेत में खरपतवार होने पर इचौली की एक पेस्टीसाइड दुकान से खरपतवार नाशक दवा खरीदी थी। दवा का छिड़काव करने के बाद खरपतवार के साथ गेहूं की लहलहा रही फसल भी सूखकर बर्बाद हो गई। किसानों ने फसल बचाने के लिए सिंचाई व तमाम जतन किए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसकी शिकायत किसानों ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी व मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी।
मामले की खबर अमर उजाला ने 4 जनवरी को ‘खरपतवार नाशक से 25 बीघे गेहूं की फसल बर्बाद’ नामक शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसको संज्ञान में लेकर जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रीति किरण बाजपेई ने सोमवार को दुकान पर छापा मारा। दुकानदार दवा व बीज बेचने का लाइसेंस नहीं दिखा सका।
जिस पर उन्होंने मौके पर मिले दवाइयां व बीज आदि सामान जब्त कर दुकान को सीज करा दिया। उन्होंने बताया कि किसान द्वारा की गई शिकायत पर जांच में फसलों का नुकसान होने की बात सही पाई गई । दुकानदार दिलीप बिना लाइसेंस के ही दुकान चला रहा था। जिसको सीज कर दिया गया है, रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।