फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षामित्रों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

Sun, 10 Sep 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला/बाराबंकी
विज्ञापन
प्रदर्शन करते शिक्षामित्र - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
समायोजन की मांग को लेकर धरने पर बैठे शिक्षामित्रों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। शनिवार को बड़ी संख्या में शिक्षामित्र बड़ेल स्थित एक लॉज में एकत्र हुए और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे की रणनीति तैयार की। संघ के आह्वान पर शिक्षामित्रों से सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विशाल आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई। साथ चेतावनी दी गई कि यदि उनकी जायज मांग को दबाया गया तो वह किसी भी हद तक जाने से गुरेज नहीं करेंगे।
विज्ञापन


संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार वर्मा ने शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि, सरकार समायोजन पर गंभीर नहीं दिख रही है। शिक्षामित्रों को ही अपना हक लेना पड़ेगा। 10 हजार रुपये की जो भीख सरकार दे रही है उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। जब तक समान कार्य का समान वेतन नहीं दिया जाएगा तब तक शिक्षामित्र शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर आंदोलन जारी रखेंगे।

संगठन के जिला महामंत्री रामशंकर राठौर ने कहा कि, प्रदेश संगठन के आह्वान पर सोमवार को दिल्ली में आंदोलन किया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षामित्र पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। धरने में रोहित त्रिपाठी, राकेश कुमार, सुरेंद्र वर्मा, हरिप्रकाश शुक्ल आदि शामिल रहे। शिक्षामित्रों ने ब्लॉक मुख्यालयों पर भी बैठक कर दिल्ली जाने की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया।
विज्ञापन


शिक्षामित्र रविवार को ट्रेन, बस व निजी साधनों से पुलिस प्रशासन से बचते हुए दिल्ली रवाना होंगे। पिछली बार लखनऊ से जाने के लिए नाकाबंदी कर शिक्षामित्रों को रोक लिया गया था। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि, इस बार अगर पुलिस ने उन्हेें रोका तो अंजाम कुछ भी हो सकता है। दिल्ली पहुंचने के लिए शिक्षामित्र अलग-अलग तैयारी के साथ निकलेंगे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें