फतेहपुर (बाराबंकी)। राह का रोड़ा बनी पकरिया और मजार को हटाने के लिए प्रशासन द्वारा चलाया गया ऑपरेशन मिशन पकरिया पूरी तरह सफल रहा। शनिवार पूरी रात चले ऑपरेशन में मजार को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया, वहीं काफी पुराना पाकड़ (पकरिया) का पेड़ काटकर लकड़ी सुरक्षित रखवा दी गई।
तहसील प्रशासन के लिए चुनौती बने इस मिशन में किसी प्रकार की कोई बाधा न उत्पन्न हो, इसके लिए एसडीएम और सीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर ही डटे रहे। कार्य पूरा होने और सड़क बन जाने के बाद ही दोनों अधिकारी मौके से हटे।
कस्बे के मुंशीगंज बाजार स्थित मुख्य मार्ग पर पाकड़ का काफी पुराना पेड़ लगा हुआ था और वहीं पर वर्षों पुरानी एक मजार थी। समय के साथ मजार का स्वरूप बदला और पेड़ भी काफी विशालकाय हो गया। पेड़ आसपास के लोगों के लिए खतरा बन गया था और इससे आवागमन भी बाधित होने लगा था। पाकड़ के पेड़ और मजार की वजह से कस्बे के इस मुख्य मार्ग पर आए दिन जाम लग जाया करता था जिससे लोगों को घंटों जूझना पड़ता था। इसे हटवाने का साहस अफसर जुटा नहीं पा रहे थे।
एसडीएम पंकज सिंह और सीओ योगेंद्र कुमार ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया और शनिवार को शहर के प्रमुख तथा गणमान्य लोगों के साथ बैठक कर अपनी मंशा से अवगत कराते हुए साफ-साफ कहा कि इसे हटाने के अलावा प्रशासन के पास और कोई विकल्प नहीं है। मौके पर मौजूद लोग भी प्रशासन की बात से सहमत हो गए।
प्रशासन इसी मौके की तलाश में था, फिर क्या शाम होते ही दोनों ओर का आवागमन रोककर मिशन पकरिया और मजार शुरू हुआ। पाकड़ के पेड़ और मजार को हटाने के लिए तीन जेसीबी व क्रेन लगाई गई। रात भरे चले इस ऑपरेशन में प्रशासन सुबह 11 बजे पूरी तरह से सफल हो सका और मजार को दूसरी जगह स्थानांतरित कराकर पाकड़ के पेड़ की लकड़ी को सुरक्षित रखवा दिया। वहीं बेहतर आवागमन के लिए सड़क भी बनवा दी गई।
कस्बे के बीचोंबीच मुख्य मार्ग पर बनी मजार और पाकड़ का पेड़ लोगों के लिए मुसीबत बन चुके थे जिससे क्षेत्र के लोगों को आए दिन जाम की समस्या से जूझना पड़ता था। इस समस्या का हल नहीं निकल पा रहा था। तहसील प्रशासन द्वारा चलाए गए इस अभियान की अब हर कोई सराहना कर रहा है क्योंकि यह इतनी जटिल प्रक्रिया थी जिसे अंजाम तक पहुंचाना इतना आसान नहीं था जितनी आसानी से तहसील प्रशासन ने इसे कर दिखाया वह सराहनीय प्रयास है।
13 घंटे तक चले इस अभियान में एसडीएम, सीओ, तहसीलदार, राजस्व कर्मियों के साथ पुलिस बल मौके पर मुस्तैदी से जुटा रहा। देवा, सूरतगंज, रामनगर व बेलहरा की तरफ से आने वाले वाहनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया था। वहीं नगर पंचायत की टीम ने इस कार्य में अपना पूरा योगदान दिया। कस्बे के रघुराज (75) ने बताया कि यह काफी चुनौती भरा कार्य था जिसे प्रशासन ने रातोंरात कर दिखाया, इसकी जितनी भी सराहना की जाए वह कम है।
फतेहपुर के एसडीएम पंकज सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशन में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया है। पाकड़ के पेड़ व मजार को मुख्य मार्ग से हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसमें सभी का सहयोग रहा जिसकी वजह से पेड़ को हटा दिया गया है तथा मजार को दूसरी जगह पर शिफ्ट करा दिया गया है। इससे आए दिन उत्पन्न होने वाली जाम की समस्या से अब कस्बावासियों को निजात मिल जाएगी।