नौकरी जाने से नाराज शिक्षामित्रों ने बीआरसी बड़ेल पर रविवार से धरना शुरू किया था। वे लगातार मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। कई संगठन भी इनके समर्थन में आ गए हैं। बृहस्पतिवार को वार्ता के बाद ये निर्णय हुआ था कि शुक्रवार से सभी शिक्षामित्र समायोजित किए गए विद्यालय में पढ़ाने जाएंगे।
विद्यालय के बाद वह कुछ भी करें। शुक्रवार को शिक्षामित्र अपने-अपने विद्यालय गए और छुट्टी होने के बाद फिर धरने पर डट गए। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद वर्मा ने कहा कि हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता है।
शिक्षामित्रों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस दिन सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी उस दिन हम सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। धरना पर राजवीर सिंह, अनिल शर्मा, रामशंकर, श्रुति सिंह, सुनील वर्मा, निधि शुक्ला, रेनू, आरती समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद थे।