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चरवाहों ने दिखाई हिम्मत, मगरमच्छ को पकड़ पेड़ से बांधा

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माती (बाराबंकी)। क्षेत्र के किसान पथ के किनारे बकरी चरा रहे एक ग्रामीण ने मगरमच्छ को देखा और हिम्मत जुटाते हुए कुछ लोगों की मदद उसे रस्सी से आम के पेड़ से बांध दिया। मगरमच्छ पकड़े जाने की भनक लगते हुए मौके पर भारी भीड़ जुट गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सरयू नदी में छोड़ दिया।
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विकास खंड देवा क्षेत्र के माती के निकट किसान पथ शारदा नहर के किनारे मुरादाबाद गांव के पास बुधवार को गांव निवासी धनीराम, गब्बर सिंह, अमित, हारून व शाहरुख खान बकरी चरा रहे थे। तभी झाड़ियों में करीब सात-आठ फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया। इन ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए रस्सी से मगरमच्छ को आम के पेड़ से बांध दिया।
कुछ देर बाद ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचे वन दारोगा देेवा प्रशांत कुमार, एसडीओ एनके सिंह, इम्तियाज अहमद, क्षेत्राधिकारी वन देवा अनुज सक्सेना, वन दारोगा अनिल गुप्ता, अनवर अली व वन रक्षक हरिराम की टीम मौके पर पहुंची व मगरमच्छ को पकड़कर ले गई। टीम ने मगरमच्छ को गनेशपुर स्थित सरयू नदी में छोड़ दिया।
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इधर मगरमच्छ पकड़ने वाले मुरादाबाद निवासी धनीराम का कहना है कि तीन दिनों पहले उसकी दो बकरियां मगरमच्छ निगल गया है जिनकी कीमत करीब 16 हजार रुपये थी। पीड़ित किसान ने वन विभाग की टीम से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। मौके पर ही वन विभाग के एनके सिंह ने पीड़ित ग्रामीण से इस संबंध में शिकायती पत्र मांगा है और उचित सहायता दिलाने की बात कही है।
डीएफओ संत कुमार तिवारी ने बताया कि माती गांव के आसपास कई तालाब हैं, उसी में रहने वाले मगरमच्छ कभी-कभार निकल आते हैं। टीम ने मगरमच्छ को पकड़ कर सरयू नदी में छोड़ दिया है। बकरी निगलने जैसा कोई मामला नहीं हैं।
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