बाराबंकी। शह के लाजपतनगर गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में सिखों के तीसरे गुरु, धन धन श्री गुरु अमरदास साहिब जी का प्रकाश पर्व बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष कीर्तन दीवान सजा कर सभी ने मत्था टेक कर अरदास की। प्रातः सात बजे से 11 बजे तक सजे विशेष कीर्तन दीवान में लखनऊ से आए अखंड कीर्तनी जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन कर संगत को अध्यात्म से जोड़ा।
कीर्तन उपरांत वक्ताओं ने गुरु अमरदास जी का व्यक्तित्व और योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि गुरु महाराज ने ही गोइंदवाल साहिब में सबसे पहले लंगर व्यवस्था की शुरुआत कराने के साथ बाउली साहिब का निर्माण कराने के साथ 22 प्रचारक मंजियों की स्थापना कर वैशाखी मेलों की परंपरा और सच्ची बाणी के प्रचार से जुड़े कार्यों को शुरू कराया था।
इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब पहुंचे और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे मत्था टेककर अरदास की। सबद कीर्तन खत्म होने के बाद संगत के लिए गुरु का अटूट लंगर बांटा गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब के प्रधान भूपेंद्र सिंह सिंह, रविंदर सिंह, हरपाल सिंह, हरप्रीत सिंह, प्रीत सिंह, सतनाम सिंह, सरदार चरनजीत सिंह, राजदीप सिंह, सुमित्रा कौर, मनमीत सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।