बाराबंकी। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में एक साल पहले दर्ज हुए सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में आरोपी पक्ष के लोगों ने पीड़िता की मां के बैंक खाते में 95 हजार रुपये भेजवाए, ताकि केस रफा-दफा हो सके। मामला संज्ञान में आने के बाद एक आरोपी व दूसरे आरोपी की मां व भाई के खिलाफ साजिश रचने व धमकाने का केस दर्ज किया गया है। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी के साथ गत अप्रैल 2022 में अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म होने का मामला सामने आया था। इस मामले में एखलाख, गुलफाम समेत चार लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट का केस दर्ज किया गया था। चारों को पुलिस ने जेल भेजा था। इसमें गुलफाम जमानत पर जेल से बाहर है। मामला कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता लव कुमार त्रिपाठी ने डीएम को पत्र भेजकर बताया कि इस मामले में दुष्कर्म के आरोपी एखलाख के भाई इमरान ने पीड़ित किशोरी की मां को आर्थिक प्रलोभन दिया। पीड़िता की मां के बैंक खाते में उसने 95 हजार रुपये भेजे जिसके साक्ष्य मिले हैं। इस पर विशेष लोक अभियोजक ने आरोपी गुलफाम की जमानत निरस्त करने व वादी के खिलाफ कार्रवाई करने की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही है।
डीएम ने लिया संज्ञान, एसपी को भेजा पत्र
अभियोजक ने वादी पक्ष की ओर से धमकी देने का आरोप भी लगाया। डीएम अविनाश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी को पत्र भेजा। आखिरकार मंगलवार शाम मोहम्मदपुर खाला थाने में अभियोजक की तहरीर पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी गुलफाम, आरोपी एखलाख के भाई इमरान, मां उज्जरेफन के खिलाफ साजिश रचने व धमकाने आदि की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। मोहम्मदपुर खाला के एसएचओ एके सिंह ने बताया कि छानबीन शुरू कर दी गई है।
चारों आरोपियों पर लग चुका है गैंगस्टर
सामूहिक दुष्कर्म के मामले के बाद मोहम्मदपुर खाला थाने की पुलिस ने चारों आरोपियों पर गैंगस्टर भी लगा दिया है। पुलिस का तर्क है कि इनका समाज में खुलेआम घूमना कानून व्यवस्था के दृष्टिगत ठीक नहीं है। पुलिस आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पैरवी भी कर रही है।