बाराबंकी। प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह से रोक है। बिना डॉक्टर के परचे के यह दवाएं नहीं दी जा सकती हैं। इसके बावजूद निगरानी में ढिलाई से मेडिकल स्टोर संचालक मनमाने तरीके से इन दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। ऐसी दवाओं का सबसे ज्यादा इस्तेमाल युवा नशे के लिए कर रहे हैं। इसी कारण तमाम दावों के बाद भी बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है।
युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण इन प्रतिबंधित दवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं लेकिन इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इन दवाओं को आसानी से प्राप्त कर लेना इस समस्या को और गंभीर बना रहा है। नशीली दवाओं का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध हो रहा है। यह युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करता है।औषधि निरीक्षक रजिया बानो ने बताया कि प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री डॉक्टर के परचे पर की जा सकती है। बिना परचे के दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह से रोक है। कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक ऐसा कर रहा है तो उनके खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
,