मसौली। राष्ट्रीय आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की स्वरोजगारी महिलाओं का हौसला सोमवार को निदेशक एनआरएलएम दीपा रंजन ने बढ़ाया। निदेशक ने प्यारेपुर सरैया गांव में संचालित अन्नप्राशन प्रेरणा महिला उद्योग केंद्र का निरीक्षण किया। इस केंद्र में आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित किया जाने वाला पोषाहार तैयार किया जाता है। इस दौरान उन्होंने पोषाहार तैयार करने का तरीका भी समझा।
केंद्र में आटा, बेसन, हलुआ, बर्फी, मूंगदाल खिचड़ी व अतिरिक्त प्रोटीन युक्त हलवा बनाया जाता है। निदेशक ने उद्योग केंद्र की संचालिका ममता वर्मा, किरन मौर्य, गुड्डी से बातचीत कर सामग्री बनाने की प्रक्रिया को समझा। ममता ने बताया कि इस केंद्र से मसौली व बंकी ब्लॉक के आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषाहार भेजा जाता है।
निदेशक दीपा रंजन ने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं के लिए एनआरएलएम वरदान साबित हो रहा है। महिलाएं स्वरोजगार का जरिया बनाने में कामयाब हो रही हैं। बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बिना ब्याज के एक लाख से पांच लाख रुपये तक का लोन प्रदान किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सिलाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य पदार्थ निर्माण, कृषि, और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
मिशन निदेशक ने समूह सखियों को और ज्यादा समूह बनाने के लिए प्रेरित किया। कहा कि समूहों के सीसीएल ऋण उपलब्ध कराया जाए। समूहों के गठन में ग्राम प्रधान व कोटेदार भी सहयोग करें। इस मौके पर सीडीओ अन्ना सुदन, अपर मिशन निदेशक जन्मेजय शुक्ला, पीडी डीआरडीएम राकेश सिंह व ब्लाॅक मिशन मैनेजर जितेंद्र पटेल मौजूद रहे।