प्राथमिक शिक्षा के लिए सरकार हर साल अरबों रुपये खर्च करती है लेकिन कुछ शिक्षक ही सरकार की मंशा पर कुठाराघात करने पर उतारू हैं। मामला सतरिख के इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय का है। यहां पर विद्यालय भवन में मरम्मत का कार्य चल रहा है लेकिन काम के लिए मजदूरों को न बुलाकर यहां पढ़ने वाले कक्षा दो व तीन के छात्र-छात्राओं से मजदूरी कराई जा रही है।
विकास खंड हरख स्थित इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय सतरिख में भवन की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक ज्योेति वर्मा व रूमा रंजन की है। इसके लिए हाल ही में विद्यालय परिसर के बाहर मौरंग गिरवाई गई थी। इस विद्यालय में करीब 75 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को जब विद्यालय खुला तो कक्षा तीन की छात्रा शैल्वी, आशीष, कृष्णा, कक्षा दो के छात्र गुलशन व रौनक समेत कई बच्चे विद्यालय पहुंचे।
मजदूरी नहीं देनी पड़े, इसके लिए विद्यालय के शिक्षकों ने इन बच्चों को पढ़ाई कराने की बजाए बोरी देकर मौरंग ढोने के काम पर लगा दिया। बोरी उठा रहे बच्चों ने बताया कि मैडम जी कहिन है कि मौंरग बाहर से उठा कर अंदर ले आओे। सोमवार को यहां पर सात बच्चे मौरंग ढोते पाए गए।
स्कूल में छात्रोें से मजदूरी करवाना बहुत गलत है। मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- पीएन सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी