बाराबंकी में रैलियों के दौरान तहसील के सामने हाईवे पर लगे जाम में जूझते राहगीर।
- फोटो : अमर उजाला
चुनाव जीत कर लोगों की हर प्रकार से सेवा करने का वादा करने वाले प्रत्याशियों ने गुरुवार को नामांकन के दौरान जुलूस निकाल कर आम लोगों को परेशानी में डाल दिया। आलम यह रहा कि स्कूली बच्चों को घंटों तक घर पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। प्रशासन व पुलिस के अधिकारी भी जाम के झाम को खुलवाने में पसीना बहाते दिखे।
गुरुवार को सभी दलों के प्रत्याशियों ने अपने-अपने पार्टी के पदाधिकारियों के साथ चार पहिया वाहनों व बाइक सवार समर्थकों के साथ जुलूस निकाल कर अपनी ताकत का अहसास कराया। लेकिन यह दल उन आम लोगों व स्कूली बच्चों को भूल गए कि उनके उस आयोजन से लगने वाले जाम से क्या स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।
विभिन्न दलों द्वारा निकाले गए जुलूस से शहर में कई घंटों तक जाम लगा रहा। शहर बाहर मुख्य मार्ग के साथ ही शहर के अंदर भी जाम की समस्या खड़ी हो गई। लखनऊ फैजाबाद मार्ग पूरी तरह से बंद रहा। जुलूस के वापस जाने के बाद काफी देर तक जाम की स्थिति देखी गई।
सिर्फ ड्यूटी प्वांइट तक ही सीमित रहे कर्मचारी : बैरियरों पर लगाए गए पुलिस कर्मी सिर्फ अपनी ड्यूटी तक ही सीमित दिखे। जुुलूस के दौरान लगे जाम को खुलवाने में कोई भी पुलिस व प्रशासन का अधिकारी आगे नही आया। आलम यह रहा कि लोग अपने गंत्वय तक पहुंचने के लिए बे तरतीब तरीके से इधर उधर से निकलते नजर आए। इस दौरान लखनऊ की ओर पुनिया आवास के मोड़ तक तो फैजाबाद की ओर देवा तिराहे तक जाम लगा रहा।