बाराबंकी। प्रदेश का छात्रवृत्ति पोर्टल कई दिनों की तकनीकी दिक्कतों के बाद जैसे ही खोला गया, जिले भर के विद्यार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। शुक्रवार को आवेदन करने की होड़ मच गई और शहर के लगभग सभी साइबर कैफे छात्रों से खचाखच भर गए। पिछले चार दिनों से स्नातक और परास्नातक की कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं सुबह से लेकर देर शाम तक लाइनों में लगे अपने ऑनलाइन आवेदन भरते नजर आए।
ऑनलाइन आवेदन पूरा करने के बाद उसका प्रिंट लेकर कॉलेज में जमा करना अनिवार्य है। इससे साइबर कैफों के साथ ही कॉलेज काउंटरों पर भी भीड़ का दबाव बढ़ गया है। हर साल की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा आवेदन जवाहरलाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज (जनेस्मा) से आए हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार अकेले जनेस्मा के 1709 छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है, जो जिले में सबसे अधिक है। संतकवि बाबा बैजनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 210 आवेदन पत्र जमा किए गए हैं।
बाराबंकी जिले में अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध 65 से 70 स्नातक और परास्नातक कॉलेज संचालित हैं। इनमें केवल दो राजकीय महाविद्यालय हरख और टिकैतनगर के हसौर स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज पूरी तरह सरकारी संस्थान हैं, जबकि शेष सहायता प्राप्त या निजी कॉलेजों की श्रेणी में आते हैं। इनमें जनेस्मा सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार है जहां हर तबके के छात्र और छात्राएं आते हैं।
छात्रों का कहना है कि वे पिछले एक महीने से लगातार पोर्टल पर आवेदन करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन ओटीपी न आने, सर्वर एरर और लॉग-इन न होने जैसी तकनीकी दिक्कतों के चलते आवेदन अटक रहे थे। अब पोर्टल के सुचारू रूप से चालू होने के बाद छात्रों में उत्साह है। छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया के पटरी पर लौटते ही विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों ने राहत की सांस ली है।