टिकैतनगर/सूरतगंज। नेपाल के बैराजों से छोड़े गए 3.77 लाख क्यूसेक पानी और लगातार हो रही बारिश से सरयू उफान पर है। सोमवार शाम सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया, जो इस साल का रिकार्ड है। अचानक बढ़े जलस्तर से रामसनेहीघाट और रामनगर क्षेत्र के नौ गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से यहां की आबादी प्रभावित हुई है। नदी किनारे बसे 30 से अधिक अन्य गांवों पर भी बाढ़ और कटान का खतरा मंडराने लगा है।
रामसनेहीघाट तहसील के गुनौली और कोयलावर गांव सहित तीन अन्य गांवों में भी पानी पहुंचने लगा है। करीब पांच गांवों के आधा दर्जन मार्ग पानी में डूब गए हैं। इससे गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। सोमवार को गुलौली और कोयलावर के ग्रामीण जरूरी सामान समेटकर नाव से सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए। रामनगर क्षेत्र के सुंदरनगर गांव में भी बाढ़ का पानी घुसने के बाद ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया।
कोड़री, ललपुरवा, बेलहरी और बलईपुर गांवों की ओर भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। पानी हेतमापुर-सूरतगंज मार्ग के किनारे तक पहुंच गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने हेतमपुर तटबंध पर शरण लेना शुरू कर दिया है।
बतनेरा गांव के पास स्थायी बाढ़ राहत केंद्र को ग्रामीणों के ठहरने के लिए तैयार रखा गया है। सिरौली गौसपुर क्षेत्र में टेपरा, कहारनपुरवा और तेलवारी गांवों के पास कटान के चलते कई गांव नदी के मुहाने पर पहुंच गए हैं।