कोटवाधाम। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान फिर तेज हो गया है। बुधवार सुबह से नदी की धारा किनारे की ओर मुड़ने के बाद करीब 10 बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई। इससे तटीय गांवों के ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के तटीय गांव लगातार कटान की चपेट में हैं। घुटरू गांव से मनीरामपुरवा तक करीब दो किलोमीटर के दायरे में कटान हो रहा है। नदी का जलस्तर काफी नीचे होने के बावजूद किसानों की जमीन तेजी से नदी में समा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कटान रोकने के इंतजाम नहीं किए गए तो इसका असर पूरे वर्ष बना रह सकता है।
ग्रामीण जितेंद्र बहादुर सिंह, गुड्डू सिंह, शौर्य प्रताप सिंह, कृपाल यादव, अनूप और सचिन के मुताबिक, बुधवार सुबह जलस्तर घटने के दौरान नदी की धारा किनारे की ओर मुड़ गई। इसके बाद कटान तेज हो गया। ग्रामीणों ने सुबह से 10 बीघा से अधिक जमीन नदी में समाने का दावा किया है।
एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने बताया कि जलस्तर घटने के बाद कटान रुकने की उम्मीद है। इसके बाद परियोजना तैयार कर क्षेत्र को कटान से मुक्त कराने का प्रयास किया जाएगा।