बाराबंकी। सरयू नदी का जल स्तर खतरे के निशान 106.070 मीटर को पार कर 106.440 मीटर तक पहुंच गया। गिराजा व शारदा बैराज से तीन लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने के कारण बुधवार तक बाढ़ के हालत और बिगड़ने के आसार जताए जा रहे हैं। नदी का पानी खतरे के निशान को पार करने के बाद तटवर्तीय इलाके के एक दर्जन से अधिक गांवों में घुसने लगा है। जबकि 30 से ज्यादा गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
बाढ़ के खतरे को देखते हुए तटवर्तीय गांव के लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना भी शुरू कर दिया है। रामनगर तहसील क्षेत्र में हेतमापुर के निकट सुंदरनगर गांव में घरों के अंदर पानी पहुंचने के बाद ग्रामीण घर गृहस्थी का सामान समेट कर तटबंध पर ठिकाना बनाने को विवश दिख रहे हैं। जबकि कुछ परिवार बाढ़ शरणालय में भी आश्रय लेने पहुंचे हैं। नदी में पानी बढ़ने से तहसील रामसनेहीघाट के 19, रामनगर के 39, सिरौलीगौसपुर तहसील के 34 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों में 17,439 परिवार रहते हैं। अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड शशिकांत सिंह का कहना है कि जल स्तर खतरे के निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर है। तटवर्ती गांवों में कटान व अन्य समस्याओं पर नजर रखी जा रही है।
तटबंध पर बना रहे ठिकाना
रामनगर के हेतमापुर,कोड़री, बेलहरी, मदरहा, बल्लोपुर,पर्वतपुर, चौधरीपुरवा, गायघाट गांवों में पानी पहुंच चुका है। यह गांव नदी और तटबंध के बीच में स्थिति हैं। गांवों के अंदर से तटबंध तक लोगों के आवागमन के लिए नावों की व्यवस्था की गई है। सबसे ज्यादा पानी सुंदरनगर गांव में भरा है जहां के लोग तटबंध पर तिरपाल लगाने की व्यवस्था करते दिखे।
एसडीएम रामनगर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल ने मंगलवार शाम संभावित बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया। उन्होंने आश्रय स्थल में भोजन व प्रकाश की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
अपर स्वास्थ्य निदेशक ने परखे हालात
अयोध्या मंडल के अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. वीके वर्मा ने भी मंगलवार को हेतमापुर का निरीक्षण कर बाढ़ से बचाव के दौरान बरते गए स्वास्थ्य विभाग के इंतजामों को परखा। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को 24 घंटे क्षेत्र में रहकर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के निर्देशित किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में उपलब्ध दवाओं और एंबुलेंस के बारे में सीएमओ से जानकारी लेने के साथ ही मोबाइल यूनिट में मौजूद चिकित्सकों तथा कर्मचारियों से पूरी सजगता बरतने के लिए कहा। निरीक्षण के दौरान मोबाइल यूनिट मौके पर मौजूद मिली।
कटान भी बढ़ी, खेतों में भरा पानी
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में सरयू नदी का पानी खेतों में भर गया है। रानीमऊ-अलीनगर तटबंध के बीच बसे गांवों के लोग तटबंध पर आकर तटबंध पर छप्पर व तिरपाल से आशियाना बना रहे हैं। तेलवारी और इटाहुआ पूर्व गांव से नदी का पानी गोबरहा, सराय सुर्जन व भैरवकोल गांव होते हुए भयक पुरवा,सिरौलीगुंग बबुरी, कोठीडीहा, सरदहा, घुटरू, टेपरा, बघौली पुरवा आदि गांवों में पहुंच रहा है। खेतों में पानी भरने से पशुओं के चारे भूसे का संकट पैदा हो गया है।