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तराई में बिगड़ रहे हालात, खतरे से 61 सेमी ऊपर नदी का पानी

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बाराबंकी। नेपाल द्वारा लगातार सरयू नदी में छोड़े जा रहे पानी की वजह से तराई के हालात दिन ब दिन बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार सुबह फिर 50 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है जिससे नदी का पानी खतरे के निशान से 61 सेमी ऊपर बह रहा है।
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वहीं तराई के करीब 60 गांवों में अभी भी पानी भरा हुआ है जिससे यहां के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अपर जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद तहसील प्रशासन की टीम बाढ़ पीड़ितों पर बराबर नजर रखे हुए है और पीड़ितों को यथा संभव मदद पहुंचाने का कार्य भी किया जा रहा है।
गनेशपुर प्रतिनिधि के अनुसार एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से 61 सेमी ऊपर बह रहा है लेकिन दोपहर बाद पानी स्थिर हो गया है। नदी का पानी तराई के कोरियनपुरवा, तपेसिपाह, दुर्गापुर, सुंदरनगर, कोडरी व हेतमापुर आदि गांवों में भरा होने की वजह से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों के कई परिवार हेतमापुर बंधे पर शरण लिए हुए हैं।
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कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार तराई के टेपरा, कहारनपुरवा, सनावा बघौलीपुरवा, भयकपुर, तेलवारी गोबरहा, भयरवकोल, सरायसुरजन, इटहुआ पूरब, करोनी, सिरौलीगुंग, परसा, कोठीडीहा, घुटरू, बबुरी विहड़, मनीराम तथा बेहटा, नव्वनपुरवा, परसावल, मझारायपुर, पारा रेता आदि गांवों में पानी भरा होने से यहां के लोग अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर अपना आशियाना बना रहे हैं। लोग नाव के सहारे या फिर पानी में होकर बांध पर पहुंच रहे हैं।
बंधे पर रह रहे रामकुमार, होली, झरकु, लालबहादुर व सेवक आदि ने कहा की बाढ़ से हम लोग प्रभावित हुए तो प्रशासन ने राहत सामग्री दे दी है मगर अभी तक हमारे जानवरों के चारे के लिए कोई इंतजाम नहीं किया जा सका है जबकि कुछ लोग अपने मवेशियों को लेकर बांध पर आ गए हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी के निर्देश के बाद तहसील प्रशासन और सक्रिय हो गया है और बाढ़ पीड़ितों पर बराबर नजर रखे हुए हैं।
इटहुआ पूरब के पास नदी की कटान तेज हो गई है। गांव निवासी पीरमोहमद, राजू, देवी प्रसाद, मोहन व सोहनलाल आदि लोगों का कहना है की नदी की कटान तेज होने से गांव भी कटान के मुहाने पर आ गया है। गांव के लोग अपना पक्का मकान तोड़ कर उसकी ईंट निकालने में लगे हैं जिससे किसी प्रकार गांव खाली कर दिया जाए क्योंकि नदी की धारा किसी भी समय गांव को अपनी चपेट में ले सकती है।
बंधे पर रह रहे कहारनपुरवा निवासी सालिकराम (66) की बुधवार को अचानक मौत हो गई जिसका नदी किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के पुत्र पूर्णमासी ने बताया कि कई दिनों से बीमार चल रहे थे, गांव में पानी भर जाने से हम सभी परिवार के साथ बंधे पर तिरपाल के नीचे रह रहे थे लेकिन बुधवार को अचानक हालत बिगड़ने पर उपचार के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि मौत हो गई। उधर सूचना मिलने पर एसडीएम प्रतिपाल सिंह ने पूरे मामले की जांच के लिए सीएचसी अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार सिंह को मौके पर भेजा है।
अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही दोपहर के बाद स्थिर हो गया है। तराई के जिन गांवों में पानी पहुंच गया है वहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य तहसील प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों पर नजर रखने के निर्देश संबंधित एसडीएम को दिए गए हैं।
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